लैलूंगा पुलिस का ‘प्रहार’: खम्हार में गूंजा नशामुक्ति का शंखनाद, थाना प्रभारी ने अपराध और नशे के सौदागरों के खिलाफ छेड़ी ‘जंग’!…

• शराब खोखला कर रही है समाज की जड़ें, अब मातृशक्ति संभालेगी कमान : गिरधारी साव
रायगढ़/लैलूंगा (विशेष रिपोर्ट) – लैलूंगा क्षेत्र में अब अपराधियों और नशे के कारोबारियों की खैर नहीं! पुलिस अधीक्षक श्री दिव्यांग पटेल के कड़े निर्देशों के बाद लैलूंगा पुलिस ‘एक्शन मोड’ में आ गई है। इसी कड़ी में थाना प्रभारी गिरधारी साव ने ग्राम खम्हार में ‘जन चौपाल’ के जरिए न केवल कानून का पाठ पढ़ाया, बल्कि सामाजिक बुराइयों के खिलाफ एक बड़ी क्रांति का आगाज कर दिया है।
“शराब सिर्फ नशा नहीं, परिवारों का ‘काल’ है” – जन चौपाल में थाना प्रभारी का तेवर सख्त और स्पष्ट था। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि शराब की लत इंसान को ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज को दीमक की तरह चाट रही है। घरेलू हिंसा, आर्थिक तंगी और बर्बाद होती पीढ़ी का सबसे बड़ा कारण यही नशा है।
बड़ा आह्वान: उन्होंने गांव की मातृशक्ति (महिलाओं) को ललकारते हुए कहा कि अब चुप बैठने का वक्त नहीं है। महिलाएं संगठित हों, ‘महिला समूह’ बनाएं और गांव में अवैध शराब के खिलाफ हल्ला बोलें। पुलिस हर कदम पर आपके साथ खड़ी है।
“डिजिटल डकैतों से रहें सावधान” – साइबर अपराधों पर प्रहार करते हुए थाना प्रभारी ने ग्रामीणों को चेताया। उन्होंने साफ कहा– “एक गलत क्लिक और आपकी मेहनत की कमाई गायब!”
- ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल और सोशल मीडिया फ्रॉड से कैसे बचें, इसका पूरा ‘सुरक्षा चक्र’ ग्रामीणों को समझाया गया।
- स्पष्ट निर्देश दिया गया: अपना OTP और पिन किसी के बाप से भी साझा न करें।
महिला सुरक्षा पर ‘जीरो टॉलरेंस’ – बेटियों और महिलाओं की सुरक्षा पर बात करते हुए पुलिस ने कड़े तेवर दिखाए। पॉक्सो एक्ट (POCSO) और ह्यूमन ट्रैफिकिंग जैसे गंभीर मुद्दों पर ग्रामीणों को जागरूक किया गया। साफ संदेश दिया गया कि महिलाओं के प्रति अपराध करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
पुलिस-पब्लिक: अब एक साथ – कार्यक्रम के अंत में एक ही गूंज थी- “भयमुक्त समाज का निर्माण।” थाना प्रभारी ने ग्रामीणों से अपील की कि पुलिस को अपना दोस्त समझें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल दें। गांव में छोटे-मोटे विवादों को थाने लाने के बजाय शांतिपूर्ण ढंग से सुलझाने की नसीहत भी दी गई।
ग्राम खम्हार में पुलिस की इस पहल ने ग्रामीणों में एक नया जोश भर दिया है। अब देखना होगा कि पुलिस की यह ‘धारदार मुहिम’ क्षेत्र से नशे और अपराध का कितना सफाया कर पाती है।




