रायगढ़ : रेत माफिया पर कलेक्टर का ‘सर्जिकल स्ट्राइक’, 9 ट्रैक्टर जब्त, वाहन मालिकों पर प्रकरण दर्ज…’काले कारोबार’ की कमर टूटी!…

• बिना नंबर की गाड़ियों से हो रही थी नदियों की ‘डकैती’, प्रशासन के हंटर से तस्करों में मची भगदड़..
रायगढ़। जिले में अवैध रेत उत्खनन के सिंडिकेट पर प्रशासन ने अब तक की सबसे करारी चोट की है। कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के ‘जीरो टॉलरेंस’ के सख्त फरमान के बाद खनिज विभाग ने ‘मिशन मोड’ में कार्रवाई करते हुए 9 ट्रैक्टरों को जप्ती के दायरे में लिया है। इस ताबड़तोड़ कार्रवाई ने रेत तस्करों के हौसले पस्त कर दिए हैं।
सरकारी खजाने को चूना लगाने वालों की अब खैर नहीं : जिला खनिज अधिकारी श्री रमाकांत सोनी और उनकी टीम ने स्पष्ट कर दिया है कि जिले में खनिज की चोरी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। खनिज निरीक्षक श्री सोमेश्वर सिन्हा के नेतृत्व में हुई इस छापामार कार्रवाई ने यह साबित कर दिया है कि तस्कर चाहे कितनी भी चालाकी कर लें, कानून के हाथ उन तक पहुंच ही जाएंगे। पकड़े गए वाहन बिना रॉयल्टी और परमिट के दिनदहाड़े नदियों का सीना चीर रहे थे।
‘SOLD’ के खेल का हुआ पर्दाफाश : जब्त किए गए वाहनों में एक बड़ा ‘फर्जीवाड़ा’ सामने आया है। कई ट्रैक्टरों पर नंबर प्लेट की जगह ‘SOLD’ लिखा हुआ था। तस्करों को लगा था कि वे बिना नंबर की गाड़ियों से प्रशासन की आंखों में धूल झोंक देंगे, लेकिन खनिज विभाग की बाज जैसी नजरों से वे बच नहीं सके। हण्डी चौक से लेकर कुरमापाली तक फैले इस नेटवर्क को बेनकाब कर दिया गया है।
ये हैं वो नाम, जिन पर कसा गया कानून का शिकंजा : प्रशासन ने उन चेहरों को सार्वजनिक कर दिया है जो इस अवैध धंधे में लिप्त थे। इन सभी पर छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम 2015 और खान एवं खनिज अधिनियम 1957 की संगीन धाराओं के तहत मामला पंजीबद्ध किया गया है।
कार्रवाई की जद में आए वाहन मालिक :
- भानुकुमार चौहान (जोरापाली) – पकड़ा गया
- समीर पटेल (पतरापाली) – जब्त
- तिरथलाल यादव (बाबाधाम) – जब्त
- प्यारेलाल साहू (रायगढ़) – जब्त
- उत्तम सारथी (धनागर) – जब्त
- गणेश अग्रवाल (हण्डी चौक) – महिन्द्रा (Sold) जब्त
- बाल्मिकी प्रजापति – न्यू हालैण्ड (Sold) जब्त
- नूतन साहू (कुरमापाली) – स्वराज (Sold) जब्त
- प्रेम उरांव (गोपालपुर) – महिन्द्रा (Sold) जब्त
अल्टीमेटम : ‘यह तो सिर्फ झांकी है’ – अधिकारियों ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि यह कार्रवाई तो महज एक शुरुआत है। जिले की नदियों को खोखला करने वाले हर शख्स का हिसाब होगा। आने वाले दिनों में और भी बड़े ‘मगरमच्छों’ पर गाज गिरनी तय है।




