सावधान! रायगढ़ में कड़ाके की ठंड और शीतलहर का अलर्ट : स्वास्थ्य विभाग ने जारी की एडवाइजरी, इन बातों का रखें विशेष ध्यान…

रायगढ़। जिले में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। मौसम विभाग द्वारा आगामी दिनों में तापमान में भारी गिरावट और ‘कोल्ड डे’ (Cold Day) जैसे हालात बनने की संभावना जताई गई है। इसे देखते हुए कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग ने जिले भर में अलर्ट जारी कर दिया है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. अनिल कुमार जगत ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे गिरते तापमान को हल्के में न लें और स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
किन लोगों को है सबसे ज्यादा खतरा? – डॉ. जगत ने बताया कि शीतलहर का सबसे अधिक प्रभाव कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों पर पड़ता है। इसमें मुख्य रूप से शामिल हैं:
- बुजुर्ग और छोटे बच्चे।
- गर्भवती महिलाएं।
- हृदय रोग, अस्थमा, मधुमेह (Diabetes) और फेफड़ों की बीमारी से ग्रसित मरीज।
ठंड बढ़ने पर शरीर का तापमान अचानक गिर सकता है, जिससे हाइपोथर्मिया, हाथ-पैरों में सुन्नपन और सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्याएं हो सकती हैं। बच्चों में निमोनिया और सर्दी-जुकाम का खतरा भी बढ़ जाता है।
स्वास्थ्य विभाग की एडवाइजरी : क्या करें और क्या नहीं – प्रशासन ने ठंड से बचाव के लिए नागरिकों को निम्नलिखित उपाय करने की सलाह दी है:
- कपड़ों का सही चुनाव : मोटे एक कपड़े की जगह परतदार गर्म कपड़े (Layered Clothing) पहनें। ऊनी टोपी, मफलर, दस्ताने और मोजे का अनिवार्य रूप से उपयोग करें।
- खान-पान : शरीर को गर्म रखने के लिए गर्म भोजन और पेय पदार्थों का सेवन करें। ठंड में प्यास कम लगती है, लेकिन शरीर में पानी की कमी न होने दें, पर्याप्त पानी पीते रहें।
- बाहर निकलने का समय : सुबह और देर शाम, जब ठंड और कोहरा अधिक हो, अनावश्यक घर से बाहर निकलने से बचें।
- किसानों के लिए : खेत में काम करते समय किसान गर्म कपड़े पहनें और बीच-बीच में विश्राम जरूर करें।
- यात्रा में सावधानी : कोहरे के कारण दृश्यता (Visibility) कम हो सकती है। वाहन धीमी गति से चलाएं और हेडलाइट व फॉग लाइट का उपयोग करें।
⚠️ जानलेवा हो सकती है यह गलती: बंद कमरे में न जलाएं अंगीठी : स्वास्थ्य विभाग ने एक विशेष चेतावनी जारी की है। ठंड से बचने के लिए लोग अक्सर बंद कमरों में कोयला या अंगीठी जला लेते हैं।
चेतावनी: बंद कमरे में अंगीठी जलाने से कार्बन मोनोऑक्साइड गैस बनती है, जो जानलेवा है। इससे दम घुटने का खतरा रहता है। हीटर का उपयोग भी सावधानीपूर्वक करें।
आपात स्थिति में क्या करें?
जिले के सभी सरकारी अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों और आशा कार्यकर्ताओं को अलर्ट मोड पर रखा गया है। शीतलहर से निपटने के लिए पर्याप्त दवाइयां उपलब्ध हैं।
यदि किसी व्यक्ति को अत्यधिक ठंड लगे, बेहोशी आए या सांस लेने में कठिनाई हो, तो तुरंत 108 एम्बुलेंस सेवा पर कॉल करें या नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें।




