बालोद

दल्ली राजहरा लोक अदालत में 1058 मामलों का सुलझा विवाद, 26 लाख की वसूली

फिरोज अहमद खान (पत्रकार)
बालोद। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के दल्ली राजहरा व्यवहार न्यायालय में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत ने लंबित केसों को आपसी समझौते से निपटाने में बड़ी सफलता हासिल की, जहां कुल 1058 प्रकरणों का त्वरित समाधान हुआ। इस पहल से न केवल अदालती बोझ कम हुआ, बल्कि विवादों का सौहार्दपूर्ण अंत भी संभव बना, जो न्याय प्रक्रिया को सरल बनाने का उदाहरण है।

लोक अदालत के दौरान घरेलू हिंसा से जुड़े संगीता भारद्वाज और महेंद्र भारद्वाज के लंबे विवाद में दोनों पक्षों ने सहमति जताई, जिससे केस पूरी तरह समाप्त हो गया। इसी तरह, 138 धारा के परक्राम्य लिखत अधिनियम से संबंधित 6 मामले, मोटर वाहन अधिनियम के 937 केस, 80 सारांश ट्रायल, 2 आईपीसी प्रकरण तथा 33 पूर्व-मुकदमे वाले विवादों का निपटारा किया गया। पूर्व-मुकदमे के मामलों में बैंक, नगर पालिका, नगर पंचायत, बिजली विभाग और टेलीकॉम से जुड़े मुद्दों पर सहमति बनी। इन समाधानों से अदालत में लंबे समय से अटके केसों को राहत मिली, और पक्षकारों को तत्काल न्याय का लाभ हुआ।

इस आयोजन से कुल 26,19,176 रुपये की राशि वसूल की गई, जो आर्थिक विवादों के निपटारे का प्रमाण है। प्रथम श्रेणी न्यायाधीश श्रद्धा सिंह श्रीवास्तव ने कार्यक्रम की अगुवाई की, जबकि अधिवक्ता अधिकारी पीतांबर रावटे और जितेंद्र भट्ट ने महत्वपूर्ण योगदान दिया। अधिवक्ताओं में पवन गोयल, इसराइल साहू, राकेश द्विवेदी, जागेंद्र भारद्वाज, सुनील नंदी, मनोज प्रताप सिंह, अनीश वाघमारे, रेशमा बानो तथा सेलेस्टी डिसूजा सक्रिय रहे।

न्यायालय के रीडर मनीष कुमार दर्रो, विजय तुरकाने, संजय चंद्राकर तथा कमलेश्वरी गावरे ने सहयोग किया। विभिन्न विभागों, बैंक, नगर पालिका, पंचायत, विद्युत और दूरसंचार विभाग के प्रतिनिधि मौजूद रहे, साथ ही सामाजिक सेवा से जुड़े कर्मचारी और अधिकारी भी सहभागी बने। यह लोक अदालत जिले में वैकल्पिक विवाद समाधान की प्रक्रिया को मजबूत करने का माध्यम बनी, जहां सहमति से न्याय मिलने की मिसाल कायम हुई।

Feroz Ahmed Khan

संभाग प्रभारी : दुर्ग

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