रिटायर्ड फूड अफसर पर रेप, ब्लैकमेलिंग और धमकी का आरोप – फेसबुक से शुरू हुई ‘दोस्ती’ ने ले लिया दरिंदगी का रूप…

रायपुर/आरंग। छत्तीसगढ़ खाद्य विभाग के रिटायर्ड फूड अफसर संजय दुबे पर 23 वर्षीय युवती ने रेप, ब्लैकमेलिंग और जान से मारने की धमकी देने का सनसनीखेज आरोप लगाया है। पीड़िता ने आरंग थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि आरोपी ने फेसबुक के जरिए दोस्ती की, घर में आकर रेप किया और न्यूड फोटो-वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करते हुए तीन लाख रुपये वसूले।
पुलिस ने पीड़िता की शिकायत और सबूतों के आधार पर संजय दुबे के खिलाफ दुष्कर्म, ब्लैकमेलिंग और धमकी की धाराओं में शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
फेसबुक पर हुई पहचान, धीरे-धीरे बढ़ाई नजदीकियां : पीड़िता ने अपनी 8 पन्नों की लिखित शिकायत में बताया कि साल 2018-19 में फेसबुक पर संजय दुबे से पहचान हुई। आरोपी ने खुद को लेखक बताया और बार-बार चैटिंग के जरिए नजदीकियां बढ़ाईं। बातचीत के दौरान वह शादी का झांसा देता था और कहता था कि “मैं पत्नी को तलाक देकर तुमसे शादी करूंगा।” जब युवती ने उम्र का हवाला देकर मना किया तो आरोपी ने कहा- “उम्र मायने नहीं रखती, मैं अब भी शादी के लायक हूं।”
“बेटी जैसी मानने को कहा, फिर घर में आकर किया रेप” : पीड़िता ने बताया कि संजय दुबे 2021 में आरंग स्थित उसके घर आया और जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाए। इस दौरान आरोपी ने अश्लील फोटो और वीडियो भी बनाए और उन्हें वायरल करने की धमकी देकर बार-बार रेप किया।
पीड़िता ने कहा-
“मैंने कहा कि आप बुजुर्ग अधिकारी हैं, मैं आपकी बेटी जैसी हूं, लेकिन उसने कहा कि मैं शादी के लायक हूं। वह लगातार अश्लील बातें करता और मुझे डराता था।”
3 लाख रुपए वसूले, शादी का दबाव डालने पर दी जान से मारने की धमकी : आरोपी ने फोटो और वीडियो वायरल करने की धमकी देकर 3 लाख रुपए वसूले। जब युवती ने शादी की बात की तो आरोपी ने उसे जान से मारने की धमकी दी। पीड़िता ने बताया कि उसने आरोपी की पत्नी से मिलने की कोशिश भी की, परंतु वह मिलने से बचती रहीं।
पुलिस के पास चैटिंग और स्क्रीनशॉट सबूत : पीड़िता ने पुलिस को फेसबुक चैट के स्क्रीनशॉट और अन्य डिजिटल साक्ष्य भी सौंपे हैं। जांच अधिकारी ने बताया कि इन सबूतों के आधार पर आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने शुरू की जांच : आरंग थाना प्रभारी ने पुष्टि की है कि युवती की शिकायत पर रिटायर्ड फूड अफसर संजय दुबे के खिलाफ शिकायत दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब डिजिटल सबूतों, बैंक ट्रांजेक्शन और मोबाइल डेटा की जांच कर रही है।
यह मामला सरकारी अफसरों की आड़ में महिलाओं के शोषण और सोशल मीडिया पर बढ़ते अपराधों का गंभीर उदाहरण है।
यह प्रकरण पुलिस और समाज दोनों के लिए यह चेतावनी है कि फेसबुक की नकली दोस्ती कभी-कभी भयावह जाल में बदल सकती है।




