रायगढ़

रायगढ़ : पोषण ट्रैकर, भवन निर्माण व ग्रोथ मॉनिटरिंग पर कलेक्टर सख्त; लापरवाहों को नोटिस और आंगनबाड़ियों को ‘समग्र विकास केंद्र’ बनाने के दिए निर्देश…

रायगढ़, 20 जनवरी 2026 | जिले में नौनिहालों और गर्भवती माताओं के स्वास्थ्य और पोषण को लेकर जिला प्रशासन अब सख्त मुद्रा में है। कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने मंगलवार को महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा बैठक में स्पष्ट कर दिया कि “पोषण और बाल विकास से जुड़े कार्यक्रमों में किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।”

​कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित इस मैराथन बैठक में कलेक्टर ने विभागीय योजनाओं की सेक्टरवार पड़ताल की और आंगनबाड़ी केंद्रों की भूमिका को लेकर एक बड़ा विजन रखा। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र केवल भोजन बांटने की जगह नहीं हैं, बल्कि ये बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य और प्रारंभिक शिक्षा की नींव हैं।

पोषण ट्रैकर : आधार अपडेशन के लिए लगें शिविर – ​कलेक्टर ने ‘पोषण ट्रैकर ऐप’ में हितग्राहियों के पंजीयन और फेस कैप्चर की धीमी गति पर चिंता जताई। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि इसे शत-प्रतिशत शीघ्र पूरा किया जाए।

  • ​जिन सेक्टरों में प्रगति कम है, वहां के सीडीपीओ (CDPO) को ग्राम पंचायत स्तर पर आधार अपडेशन शिविर लगाने होंगे।
  • ​इस कार्य को ‘मिशन मोड’ में पूरा करने के लिए सचिव, रोजगार सहायक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और मितानिनों की संयुक्त टीम बनाने को कहा गया है।

ग्रोथ मॉनिटरिंग : हर केंद्र में हों मापन यंत्र – बच्चों के विकास की सही ट्रैकिंग के लिए कलेक्टर ने ग्रोथ मॉनिटरिंग रिपोर्ट का अवलोकन किया। उन्होंने निर्देश दिए कि जिले की सभी ग्राम पंचायतों और नगरीय निकायों में बच्चों का वजन और ऊंचाई मापने वाले उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि कुपोषण की सटीक निगरानी हो सके।

इंफ्रास्ट्रक्चर: अधूरे भवन तत्काल हों पूरे

​भवनहीन और निर्माणाधीन आंगनबाड़ी केंद्रों को लेकर कलेक्टर ने कड़ा रुख अपनाया:

  • ​जो भवन किसी कारणवश आधे-अधूरे पड़े हैं, उनका निर्माण तत्काल शुरू कराया जाए।
  • ​भवनहीन केंद्रों के लिए नए प्रस्ताव शीघ्र तैयार हों।
  • ​केंद्रों में बिजली, पेयजल और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं सुदृढ़ की जाएं।

रेडी-टू-ईट और अन्य योजनाओं पर फोकस – ​बैठक में ‘रेडी-टू-ईट’ यूनिट के निर्माण और संचालन की औपचारिकताएं जल्द पूरी करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा महतारी वंदन योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, और कुपोषित बच्चों को पूरक पोषण आहार वितरण की समीक्षा की गई।

कार्यवाही की चेतावनी : कलेक्टर ने सी-बॉक्स (C-Box) ऑनबोर्डिंग और आईसी एंट्री में लापरवाही बरतने वाले स्कूलों के प्राचार्यों और नगरीय निकायों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं। वहीं, किशोर न्याय बोर्ड में लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण की बात भी कही गई।

​इस महत्वपूर्ण बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्री अभिजीत बबन पठारे, जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री एल.आर. कच्छप सहित सभी परियोजना अधिकारी मौजूद रहे।

Ambika Sao

सह-संपादक : छत्तीसगढ़

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