झीरम कांड पर फिर बरपा सियासी ‘बवंडर’ : कांग्रेस प्रवक्ता ने JP नड्डा के खिलाफ दर्ज कराई शिकायत, भूपेश बघेल और लखमा के नार्को टेस्ट की मांग…

जांजगीर-चाम्पा : छत्तीसगढ़ के इतिहास के सबसे काले अध्याय ‘झीरम घाटी हत्याकांड’ की आग एक बार फिर सुलग उठी है। इस बार यह चिंगारी किसी विपक्षी दल ने नहीं, बल्कि खुद कांग्रेस के ही प्रवक्ता विकास तिवारी ने लगाई है। तिवारी ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के खिलाफ जांजगीर थाने में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है, जिससे प्रदेश की राजनीति में हड़कंप मच गया है।
नड्डा के ‘बयान’ ने बढ़ाई तल्खी : शिकायत का मुख्य आधार जेपी नड्डा द्वारा 23 दिसंबर को जांजगीर की जनसभा में दिया गया वह बयान है, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि वह झीरम घाटी घटना के तथ्यों को जानते हैं। नड्डा ने आरोप लगाया था कि इस हत्याकांड में कांग्रेस के ही लोग शामिल थे और वे उन्हें पहचानते हैं।
विकास तिवारी ने अपनी शिकायत में मांग की है कि यदि जेपी नड्डा के पास इस नरसंहार के असली दोषियों की जानकारी है, तो पुलिस को उनसे तत्काल पूछताछ करनी चाहिए ताकि 12 साल से न्याय का इंतज़ार कर रहे शहीदों के परिवारों को सच पता चल सके।
अपनी ही पार्टी के दिग्गजों को घेरे में लिया : इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाला मोड़ तब आया जब विकास तिवारी ने केवल भाजपा को ही नहीं, बल्कि अपनी पार्टी के कद्दावर नेताओं को भी जांच के दायरे में खड़ा कर दिया। उन्होंने झीरम घाटी न्यायिक जांच आयोग को पत्र लिखकर मांग की है कि निम्नलिखित नेताओं का नार्को टेस्ट कराया जाए:
- भूपेश बघेल (पूर्व सीएम) : जिन्होंने सार्वजनिक रूप से कहा था कि झीरम कांड के सबूत उनकी जेब में हैं।
- कवासी लखमा (पूर्व मंत्री) : जो उस हमले के प्रत्यक्षदर्शी और जीवित बचे नेताओं में शामिल हैं।
- अमित जोगी (JCCJ अध्यक्ष) : जो लंबे समय से इस मामले में बयानबाजी करते रहे हैं।
- विष्णुदेव साय (वर्तमान सीएम) और ननकीराम कंवर (पूर्व गृहमंत्री) : ताकि सत्ता पक्ष की भूमिका भी स्पष्ट हो सके।
“मैं खुद भी नार्को टेस्ट के लिए तैयार हूं” – विकास तिवारी ने कड़ा रुख अख्तियार करते हुए कहा कि वे खुद भी नार्को टेस्ट से गुजरने को तैयार हैं। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा, “झीरम की साजिश का चेहरा बेनकाब होना चाहिए। चाहे वो भाजपा के नेता हों या कांग्रेस के, सच सामने आना चाहिए। अगर पूर्व सीएम के पास सबूत हैं, तो वे अब तक आयोग को क्यों नहीं सौंपे गए?”
राजनीतिक मायने – विकास तिवारी की इस ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ ने छत्तीसगढ़ कांग्रेस के भीतर और बाहर खलबली मचा दी है। जहां एक तरफ भाजपा को उनके अध्यक्ष के बयान पर घेरा जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ भूपेश बघेल और कवासी लखमा जैसे दिग्गजों पर नार्को टेस्ट की मांग कर तिवारी ने अपनी ही पार्टी को असहज स्थिति में डाल दिया है।
अब देखना यह होगा कि जांजगीर पुलिस जेपी नड्डा को पूछताछ के लिए नोटिस जारी करती है या नहीं, और न्यायिक आयोग इस ‘नार्को टेस्ट’ की मांग पर क्या कड़ा फैसला लेता है।




