रायगढ़

“आबकारी विभाग : जहाँ शराब से ज्यादा नशा रिश्वत का है…”

रायगढ़ में उपनिरीक्षक संतोष नारंग 50 हज़ार लेते रंगे हाथ गिरफ्तार, ACB की दबिश से ‘कमाई का ठेका’ टूटा…

रायगढ़। आबकारी विभाग की असली पहचान अब शराब की बोतलों से नहीं, बल्कि रिश्वत की गड्डियों से होने लगी है। शनिवार को खरसिया कार्यालय में पदस्थ उपनिरीक्षक संतोष कुमार नारंग को ACB ने 50,000 रुपए लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया। इस घटना ने यह साबित कर दिया कि विभाग शराब रोकने से ज्यादा रिश्वत के ठेकेदारी में व्यस्त है।

रिश्वत का नया ‘डिस्ट्रीब्यूशन मॉडल’ : 19 अगस्त को धर्मजयगढ़ निवासी सुनीत टोप्पो के घर पहुँचे नारंग जी।
👉 शराब बनाने का आरोप गढ़ा।
👉 घर की तलाशी ली।
👉 बूढ़ी मां से जबरन दस्तखत कराए।
👉 और फिर बोल पड़े – “पचास हज़ार दे दो, वरना केस पक्का।”

यानी, कार्रवाई भी आबकारी की तरह — “पहले डर की महक फैलाओ, फिर नोटों की बोतल खोलो।”

ACB का ‘स्पेशल पैग’ :

  • सुनीत ने रिश्वत देने से इनकार किया और सीधे ACB बिलासपुर यूनिट का दरवाज़ा खटखटाया।
  • 20 अगस्त को शिकायत दर्ज हुई और फिर बिछा जाल।
  • जैसे ही नारंग ने 50 हज़ार के नोट थामे, ACB की टीम ऐसे टूट पड़ी जैसे मिलावटी शराब पर छापा।
  • रकम जब्त, अफसर की इज्जत ध्वस्त।

खबर फैलते ही आबकारी विभाग में जैसे किसी ने नशा तोड़ने वाली गोली खिला दी। अब चर्चा यही –

  • “क्या यह रिश्वत रेट लिस्ट में ‘स्टैंडर्ड पैग’ था?”
  • “अगर हर गांव में ऐसा ट्रैप लगे, तो विभागीय अफसरों की तिजोरियां सूखी रह जाएंगी।”
  • “यह गिरफ्तारी विभाग की बदनामी है या बाकी अफसरों की ईमानदारी पर चोट?”

कानून का ‘कड़वा घूंट’ :  ACB ने नारंग से पूरी रकम बरामद कर ली और उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7 के तहत केस दर्ज कर लिया।
अब देखना है कि अदालत रिश्वतखोर अफसर को कितनी ‘हैंगओवर’ सज़ा देती है।

व्यंग्य की चुभन :

  • शराबियों से लड़ने निकला विभाग, खुद रिश्वत के नशे में चूर।
  • जांच के नाम पर गांव-गांव घूमना असल में “मोबाइल ATM” की सर्विस है।
  • अगर सचमुच आबकारी विभाग का MRI हो, तो रिपोर्ट में लिखा आएगा – “90% रिश्वत, 10% नियम।”

यह मामला सिर्फ एक SI की गिरफ्तारी नहीं, बल्कि उस सोच पर तमाचा है जहाँ रिश्वत अब सरकारी वेतन से ज्यादा स्थायी आय बन चुकी है।

कहावत बदलनी होगी –“दारू पीने से तबियत खराब होती है” नहीं,
बल्कि –“आबकारी अफसर से मिलने से जेब खाली हो जाती है।”

Admin : RM24

Investigative Journalist & RTI Activist

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