मैनपाट में सुलगती आग : ‘जल-जंगल-जमीन’ की लूट पर कांग्रेस का खुला ऐलान, कहा- आदिवासियों को नक्सली बनने पर मजबूर न करें हुक्मरान…

अंबिकापुर : छत्तीसगढ़ का शिमला कहे जाने वाले मैनपाट की शांत वादियों में अब आक्रोश का लावा धधक रहा है। भाजपा सरकार पर ‘पूंजीपतियों की दलाली’ का गंभीर आरोप लगाते हुए कांग्रेस की राष्ट्रीय सचिव जरीता लैतफलांग ने गुरुवार को साफ कर दिया कि “सरगुजा से बस्तर तक आदिवासियों की जमीन बेचने का खेल अब बर्दाश्त नहीं होगा।”
“गड्ढे मिले हमें, खजाना ले गए सेठ” : मैनपाट पहुंची कांग्रेस नेत्री जरीता लैतफलांग ने बॉक्साइट प्रभावितों के बीच सरकार की पोल खोलते हुए कहा कि “खदानों ने मैनपाट को सिर्फ विनाश दिया है। यहाँ के निवासियों को मिले तो सिर्फ मौत के गड्ढे, जबकि मलाई बाहरी पूंजीपतियों की तिजोरी में जा रही है।” उन्होंने दो टूक कहा कि जहाँ 5वीं अनुसूची लागू है, वहां सरकार संविधान को ताक पर रखकर कॉरपोरेट घरानों के इशारे पर नाच रही है।
सरकार पर सीधा वार : “आदिवासी सीएम की नाक के नीचे लुट रहा आदिवासी” – सभा में कांग्रेस जिलाध्यक्ष बालकृष्ण पाठक ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय पर सीधा निशाना साधा। उन्होंने कहा, “प्रदेश को एक आदिवासी मुख्यमंत्री मिला, तो उम्मीद जगी थी कि अब हसदेव से लेकर मैनपाट तक जंगल बचेंगे। लेकिन विडंबना देखिए, आदिवासी सीएम के राज में ही आदिवासियों के जल, जंगल और जमीन की सबसे निर्लज्ज लूट हो रही है।” कांग्रेस ने रायगढ़ के तमनार और सरगुजा के परसोढ़ी कला का हवाला देते हुए कहा कि सरकार अपने तंत्र का दुरुपयोग कर ग्रामीणों को उनकी ही जमीन से बेदखल कर रही है।
छात्र की हुंकार या चेतावनी? “लोकतांत्रिक हिड़मा बनूंगा” – 30 दिसंबर की जनसुनवाई में “हिड़मा बनने” की बात कहकर शासन-प्रशासन की नींद उड़ाने वाले बीएससी छात्र फूलचंद मांझी ने आज फिर अपनी बात दोहराई, लेकिन नए तेवर के साथ। उसने स्पष्ट किया, “मेरा मकसद हथियार उठाना नहीं है, लेकिन अगर लोकतंत्र में हमारी आवाज नहीं सुनी गई, तो मैं अपने समाज के हक के लिए ‘लोकतांत्रिक हिड़मा’ बनकर संघर्ष करूँगा।”
फूलचंद ने सिस्टम की बखिया उधेड़ते हुए कहा, “बॉक्साइट निकालने के बाद कंपनियां जानलेवा गड्ढे छोड़कर भाग जाती हैं। न रोजगार है, न सुरक्षा, सिर्फ मौत का इंतज़ार है। इसमें गिरकर हमारे मवेशी और भाई-बंधु मर रहे हैं, और सरकार सो रही है।”
सड़क से सदन तक संग्राम की तैयारी : कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने ऐलान किया है कि यह लड़ाई अब केवल मैनपाट तक सीमित नहीं रहेगी। शीतकालीन सत्र में भाजपा सरकार को इस मुद्दे पर घेरने की पूरी तैयारी है। प्रतिनिधिमंडल में मो. इस्लाम, डॉ. लालचंद यादव, अनिल सिंह सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे, जिन्होंने एक सुर में कहा- “लूट की यह छूट अब नहीं चलेगी।”




