बरमकेला जनपद में सियासी बगावत : ‘कमल’ का दुपट्टा ओढ़ ‘पंजे’ से निभाई वफादारी! 16वें वित्त की राशि में बंदरबांट पर 10 भाजपा सदस्यों का खुला विद्रोह…

- अध्यक्ष विद्या किशोर चौहान पर कुर्सी बचाने के लिए पाला बदलने और कांग्रेसियों से मिलीभगत का सनसनीखेज आरोप…
- ‘5 मिनट बहुत है, देख लो…’ – अध्यक्ष का फरमान; CEO ने जनप्रतिनिधियों को कहा ‘घमंडी’, वित्त मंत्री ओपी चौधरी तक पहुंचा विवाद…
सारंगढ़-बिलाईगढ़। जिले के जनपद पंचायत बरमकेला में विकास कार्यों के बजट और 16वें वित्त आयोग की राशि के आवंटन को लेकर शुरू हुआ विवाद अब एक बड़े राजनीतिक संग्राम में बदल चुका है। कुर्सी बचाने के लिए किए गए तथाकथित दल-बदल, अंदरूनी राजनीतिक सौदेबाजी और निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के अपमान के गंभीर आरोपों के साथ 10 भाजपा समर्थित जनपद सदस्यों ने मोर्चा खोल दिया है। सदस्यों ने जनपद अध्यक्ष विद्या किशोर चौहान और जनपद मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) शिखा शर्मा के खिलाफ छत्तीसगढ़ शासन के वित्त मंत्री ओपी चौधरी से लिखित शिकायत कर सामान्य सभा की बैठक को निरस्त करने और कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करने की मांग की है।

कुर्सी बचाने के लिए भाजपा का दामन, पर वफादारी आज भी कांग्रेस के साथ! – वित्त मंत्री को सौंपे गए पत्र में सदस्यों ने जनपद अध्यक्ष की राजनीतिक निष्ठा पर सीधा हमला बोला है। पत्र में स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि:
- विद्या किशोर चौहान मूलत : पूर्व में कांग्रेस समर्थित सदस्यों के समर्थन से बरमकेला जनपद पंचायत के अध्यक्ष पद पर आसीन हुए थे।
- चुनाव के कुछ ही महीनों बाद अपनी कुर्सी को सुरक्षित बनाए रखने के लिए उन्होंने पाला बदलकर भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली।
- सदस्यों का आरोप है कि अध्यक्ष का यह दल-बदल केवल एक छलावा था; वे आज भी पर्दे के पीछे से अपने पुराने कांग्रेसी सहयोगियों और कांग्रेस संगठन के साथ साठगांठ कर काम कर रहे हैं।
11 सितंबर की बैठक : पूर्व-नियोजित षड्यंत्र और भाजपा सदस्यों की खुली अनदेखी – विवाद की मुख्य जड़ 11 सितंबर को आयोजित जनपद पंचायत की सामान्य सभा बनी, जिसे विशेष रूप से 16वें वित्त आयोग की राशि के वितरण हेतु बुलाया गया था।
शिकायत के अनुसार, अध्यक्ष ने लोकतांत्रिक मर्यादाओं और पंचायती राज व्यवस्था के नियमों को दरकिनार करते हुए भाजपा समर्थित सदस्यों को पूरी तरह अंधकार में रखा। आरोप है कि कांग्रेस समर्थित सदस्यों के साथ बंद कमरों में पूर्व-नियोजित सांठगांठ की गई और 16वें वित्त की विकास राशि का बंदरबांट केवल अपने व कांग्रेसी सदस्यों के चहेते क्षेत्रों में कर दिया गया। वहीं, दूसरी ओर भाजपा समर्थित 10 निर्वाचित सदस्यों को जानबूझकर विकास राशि से वंचित रखा गया।
अध्यक्ष की हठधर्मिता: ‘5 मिनट बहुत है, इससे ज्यादा समय नहीं मिलेगा’ – बैठक के दौरान जनप्रतिनिधियों के साथ किए गए बर्ताव पर भी गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। सदस्यों का कहना है कि जब उन्होंने प्रस्तावों और वित्तीय आवंटन के विवरण को देखने की मांग की, तो अध्यक्ष विद्या किशोर चौहान ने तानाशाही रुख अपनाते हुए दो टूक कहा:
“5 मिनट का समय बहुत है, देख लो। इससे ज्यादा समय तुम लोगों को देखने के लिए नहीं दिया जाएगा।”
जनप्रतिनिधियों का कहना है कि करोड़ों रुपये के बजट और विकास योजनाओं के अध्ययन के लिए मात्र 5 मिनट की मोहलत देना न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि उनके अधिकारों का खुला हनन भी है।
सीईओ की विवादित टिप्पणी : भरी सभा में सदस्यों को कहा ‘घमंडी’ – शिकायत पत्र में जनपद पंचायत की सीईओ शिखा शर्मा के आचरण को भी कटघरे में खड़ा किया गया है। सदस्यों ने आरोप लगाया कि बैठक के दौरान सीईओ ने मर्यादा की सीमाएं लांघते हुए भारतीय जनता पार्टी के सम्मानित जनपद सदस्यों को भरी सभा में कथित तौर पर ‘एटीट्यूड (घमंडी)’ कहकर अपमानित किया।
सदस्यों ने इसे एक जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारी की अत्यंत निंदनीय और पक्षपातपूर्ण मानसिकता करार दिया है। उनका कहना है कि इस अशोभनीय व्यवहार से निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के सम्मान को गहरी ठेस पहुंची है और उनका मनोबल गिरा है।
बैठक की कार्यवाही निरस्त करने व अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग – लगातार हो रही उपेक्षा और मनमानी से आहत भाजपा समर्थित सदस्यों ने वित्त मंत्री ओपी चौधरी से दो प्रमुख मांगें रखी हैं:
- कार्यवाही निरस्तीकरण : 11 सितंबर को भाजपा सदस्यों को गुमराह कर और कांग्रेसियों से मिलीभगत कर की गई सामान्य सभा की पूरी कार्यवाही व वित्तीय आवंटन को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए।
- सख्त कार्रवाई : पार्टी की विचारधारा के विरुद्ध कार्य करने, भाजपा सदस्यों की उपेक्षा करने और वित्तीय अनियमितता बरतने के मामले में जनपद अध्यक्ष व संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए।
संगठन और जिले के शीर्ष नेतृत्व तक पहुंची शिकायत – इस पूरे प्रकरण की प्रतिलिपि सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला पंचायत अध्यक्ष संजय भूषण पाण्डेय, उपाध्यक्ष अजय जवाहर नायक, भाजपा जिलाध्यक्ष ज्योति पटेल के साथ-साथ सरिया, बरमकेला और लेंध्रा के मंडल अध्यक्षों को भी प्रेषित कर दी गई है।




