कोरबा में दर्दनाक जल त्रासदी: स्कूल छोड़ तालाब में नहाने गईं तीन मासूम सहेलियों की डूबने से मौत, एक साथ उठीं तीन अर्थियों से दहला नुनेरा गांव…

कोरबा। जिले से ममता को झकझोर देने वाला एक बेहद हृदयविदारक मामला सामने आया है। पाली थाना क्षेत्र के वनांचल स्थित नुनेरा गांव में गुरुवार दोपहर उस वक्त मातम पसर गया, जब कक्षा पहली में पढ़ने वाली तीन सहेलियों की तालाब के गहरे पानी में डूबने से अकाल मौत हो गई। मृतकों में 7 वर्षीय इंदु अगरिया, 8 वर्षीय राखी और 8 वर्षीय साधना शामिल हैं। तीनों के शव तालाब से बरामद होते ही पूरे गांव में चीख-पुकार मच गई और हर आंख नम हो गई।
परिजनों के काम पर जाते ही तालाब की ओर मुड़े कदम – तीनों बच्चियां नुनेरा गांव के साधारण किसान परिवारों से ताल्लुक रखती थीं। गुरुवार की सुबह तीनों के माता-पिता रोजाना की तरह रोजी-मजदूरी और खेती-किसानी के काम से बाहर निकल गए थे। बच्चियों को स्कूल जाना था, लेकिन वे बस्ता छोड़कर दोपहर के वक्त गांव के बाहर स्थित तालाब में नहाने चली गईं। उस समय तालाब के आसपास कोई बड़ा मौजूद नहीं था, जिसका सीधा खामियाजा इन मासूमों को भुगतना पड़ा।
शाम को घर पर सन्नाटा देख शुरू हुई खोजबीन – दिन ढलने पर जब परिजन थके-हारे घर पहुंचे, तो आंगन में बच्चियों को न पाकर उनके हाथ-पांव फूल गए। आस-पड़ोस और स्कूल में पता करने के बाद भी जब कोई सुराग नहीं मिला, तो ग्रामीणों ने पूरे गांव में तलाश शुरू की। खोजबीन करते हुए एक ग्रामीण तालाब की ओर गया, जहां पानी के किनारे मेड़ पर तीन जोड़ी चप्पलें और बच्चियों के कपड़े करीने से रखे मिले। आशंका सच में बदलते देख जब उसने पानी में झांका, तो 7 वर्षीय इंदु का निष्प्राण शरीर सतह पर तैरता नजर आया।
कड़ी मशक्कत के बाद गहरे पानी से निकलीं दो और लाशें – ग्रामीण के शोर मचाने पर भारी संख्या में लोग तालाब पर इकट्ठा हो गए और तुरंत पाली थाना पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंचे पाली थाना प्रभारी मनोज कौशिक और पुलिस बल ने स्थानीय गोताखोरों की मदद से पहले इंदु के शव को बाहर निकाला। चूंकि कपड़े तीन बच्चियों के थे, इसलिए तालाब में बाकी दोनों की तलाश के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। लगभग एक घंटे की सघन खोजबीन के बाद गहरे पानी से राखी और साधना के शव भी बरामद कर लिए गए।
एक-दूसरे को बचाने की जद्दोजहद बनी काल – घटनास्थल के हालात बयां कर रहे हैं कि नहाने के दौरान पैर फिसलने या गहराई का अंदाजा न होने से पहले कोई एक बच्ची डूबने लगी होगी। बचपन की मासूमियत और सहेली को खोने के डर में बाकी दोनों बच्चियों ने भी बिना सोचे-समझे गहरे पानी में छलांग लगा दी होगी। कोई सहारा न मिलने और तैरना न आने की वजह से तीनों एक-दूसरे को बचाने की कशमकश में जल समाधि ले बैठीं।
पुलिस ने दर्ज किया मर्ग, गांव में पसरा सन्नाटा – पाली थाना प्रभारी मनोज कौशिक के अनुसार, पुलिस ने तीनों मासूमों के शवों का पंचनामा कर पोस्टमॉर्टम के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेज दिया है। पुलिस मर्ग कायम कर सभी पहलुओं की विस्तृत जांच कर रही है। एक ही मोहल्ले से एक साथ तीन नन्ही बच्चियों के शव मिलने के बाद से नुनेरा गांव के किसी भी घर में चूल्हा नहीं जला है।




