“खाकी” की चमक बरकरार : आरक्षकों को ड्यूटी के दौरान सड़क पर मिले ₹60,500 नगद, छानबीन कर मालिक को लौटाए

फिरोज अहमद खान (पत्रकार)
बालोद/सुरेगांव। खाकी केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने का जरिया नहीं है, बल्कि यह संवेदनशीलता, सत्यनिष्ठा और मानवीय मूल्यों का भी प्रतीक है। इसका प्रत्यक्ष प्रमाण बालोद जिले के थाना सुरेगांव में देखने को मिला, जहाँ पदस्थ दो पुलिसकर्मियों ने सड़क पर लावारिस मिले हजारों रुपयों को सही सलामत उसके असली हकदार तक पहुँचाया। बारिश और ड्यूटी की आपाधापी के बीच आरक्षकों द्वारा दिखाई गई इस निष्ठा और तत्परता ने न केवल पीड़ित परिवार के चेहरे पर मुस्कान लौटाई, बल्कि आमजन के बीच पुलिस प्रशासन के प्रति विश्वास की नींव को भी और गहरा कर दिया है।
आपको बता दें कि घटना 21 अगस्त 2026 की है। थाना सुरेगांव में कार्यरत आरक्षक अरविंद दोहरे और आरक्षक वरुण कुर्रे अपनी नियमित ड्यूटी के सिलसिले में रवाना हुए थे। इसी दौरान सुरेगांव स्थित आईटीआई के समीप सड़क पर उनकी नज़र एक जगह पड़े लावारिस रुपयों पर पड़ी। जब उन्होंने पास जाकर देखा, तो वहाँ ₹60,500 की बड़ी नगद राशि बिखरी पड़ी थी।

पैसा मिलते ही दोनों जवानों ने बिना किसी विलंब के ईमानदारी और जिम्मेदारी की मिसाल पेश की। उन्होंने तुरंत आसपास के लोगों से पूछताछ की और गायब हुई रकम के वास्तविक मालिक की खोजबीन आरंभ कर दी। सतत प्रयासों और स्थानीय स्तर पर की गई छानबीन के बाद जानकारी प्राप्त हुई कि यह रकम बालोद थाना क्षेत्र के ग्राम खुर्सीपार निवासी टूमन लाल निर्मलकर की है, जो कहीं आते-जाते समय गिर गई थी। इसके बाद टूमन लाल को तत्काल सुरेगांव थाने बुलाया गया और पूरे दस्तावेजों व तथ्यों का मिलान करने के उपरांत ₹60,500 (साठ हजार पांच सौ रुपए) की पूरी राशि उन्हें सुरक्षित सुपुर्द कर दी गई।
पुलिस कप्तान व थाना प्रभारी ने थपथपाई पीठ
आरक्षक अरविंद दोहरे और आरक्षक वरुण कुर्रे के इस अनुकरणीय कार्य की पुलिस महकमे में जमकर सराहना हो रही है। बालोद पुलिस अधीक्षक किरण गंगाराम चव्हाण (आईपीएस) और सुरेगांव थाना प्रभारी नरेंद्र दुबे ने दोनों आरक्षकों की ईमानदारी, मुस्तैदी और जनसेवा की भावना की प्रशंसा करते हुए उन्हें प्रोत्साहित किया। एसपी चव्हाण ने कहा कि ऐसे कार्य विभाग की छवि को उज्जवल बनाते हैं और जनता में सुरक्षा व भरोसे का माहौल कायम करते हैं।




