घरघोड़ा : अनपढ़ ग्रामीण के विश्वास का कत्ल, धोखे से चेक पर हस्ताक्षर कराकर बैंक खाते से उड़ाए ₹49.50 लाख, एक आरोपी गिरफ्तार

रायगढ़। जिले में विकास परियोजनाओं के नाम पर मिलने वाले मुआवजे पर गिद्ध दृष्टि जमाए बैठे शातिर जालसाजों का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। एनटीपीसी तलाईपाली कोयला खनन परियोजना के तहत अधिग्रहीत जमीन के एवज में एक सीधे-सादे ग्रामीण को मिले लगभग ₹70 लाख के मुआवजे में से ₹49.50 लाख की भारी-भरकम राशि हड़प ली गई। ग्रामीण की वित्तीय अनभिज्ञता और सीधेपन का फायदा उठाकर आरोपियों ने धोखे से चेक पर हस्ताक्षर कराए और रकम अपने रिश्तेदारों के खातों में ट्रांसफर कर दी। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) शशि मोहन सिंह के कुशल मार्गदर्शन में घरघोड़ा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है, जबकि दूसरा आरोपी फिलहाल फरार है।
पूरा घटनाक्रम : जमीन के बदले मिला था ₹69.64 लाख का मुआवजा – ग्राम तिलाईपाली बिच्छीनारा निवासी अमीर कुमार राठिया की जमीन और मकान एनटीपीसी (NTPC) तलाईपाली कोयला खनन परियोजना के लिए अधिग्रहीत की गई थी। इसके एवज में शासन व कंपनी की ओर से पीड़ित के खाते में कुल ₹69,64,618 की मुआवजा राशि जमा की गई थी।
आरोपियों की नजर इस भारी-भरकम रकम पर पहले से थी। गांव के ही शातिर युवक खगेश्वर गुप्ता ने कागजी कार्यवाही और बैंक प्रक्रियाओं में मदद करने का झांसा देकर अमीर कुमार राठिया का विश्वास जीता और उसकी बैंक पासबुक अपने पास रख ली।
साजिश का ताना-बाना: बच्चों के नाम का बहाना और खाली चेक पर दस्तखत – शिकायत के अनुसार, 8 जून 2026 को आरोपी खगेश्वर गुप्ता अपने साथी प्रदीप गुप्ता के साथ पीड़ित ग्रामीण को पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की रायकेरा शाखा ले गया। वहां दोनों आरोपियों ने कागजी औपचारिकताओं और बच्चों के नाम ₹5-5 लाख फिक्स डिपॉजिट कराने का झांसा देकर अमीर कुमार से बैंक के चेकों पर हस्ताक्षर करवा लिए।
ग्रामीण को अंधेरे में रखते हुए आरोपियों ने चेक में भारी राशि भरकर अपने करीबी रिश्तेदारों के बैंक खातों का विवरण दर्ज कर दिया।
बैंक स्टेटमेंट से हुआ सनसनीखेज खुलासा – कुछ समय बाद जब पीड़ित अमीर कुमार राठिया ने अपने खाते की अद्यतन स्थिति जानने के लिए बैंक पासबुक और स्टेटमेंट निकलवाया, तो उसके होश उड़ गए। खाते से लगभग आधी से ज्यादा रकम गायब थी।
बैंक विवरण की जांच में पता चला कि:
- मोतीलाल गुप्ता के खाते में: ₹25,00,000 ट्रांसफर किए गए।
- जगदीश गुप्ता के खाते में: ₹24,50,000 ट्रांसफर किए गए।
- कुल गबन की गई राशि: ₹49,50,000 (उनचास लाख पचास हजार रुपये)
पीड़ित की बिना जानकारी और सहमति के, धोखे से लिए गए हस्ताक्षरों का दुरुपयोग कर दोनों आरोपियों ने यह पूरी राशि अपने परिजनों/परिचितों के खातों में जमा करा दी थी।
पुलिसिया कार्रवाई : बीएनएस की धाराओं में मामला दर्ज, मुख्य आरोपी गिरफ्तार – ठगी का अहसास होते ही पीड़ित ने घरघोड़ा थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर थाना प्रभारी निरीक्षक कुमार गौरव साहू ने तत्काल अपराध क्रमांक 257/2026, धारा 318(4) एवं 3(5) बीएनएस (भारतीय न्याय संहिता) के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की।
पुलिस ने बैंक शाखा रायकेरा से खाता विवरण, चेक की प्रतियां और लेन-देन के तमाम तकनीकी साक्ष्य जुटाए। साथ ही गवाहों के बयान दर्ज किए। पुख्ता सबूत मिलने के बाद पुलिस ने दबिश देकर मुख्य आरोपी:
- खगेश्वर गुप्ता (पिता: दनार्दन गुप्ता, उम्र: 29 वर्ष, निवासी: ग्राम तिलाईपाली, थाना तमनार, जिला रायगढ़)
को हिरासत में लिया। कड़ी पूछताछ के दौरान आरोपी टूट गया और उसने अपने साथी प्रदीप गुप्ता के साथ मिलकर सुनियोजित तरीके से ठगी करने का जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस ने 18 अगस्त को आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
फरार आरोपी की तलाश तेज – मामले का दूसरा मुख्य आरोपी प्रदीप गुप्ता घटना के बाद से फरार है। पुलिस की विशेष टीम उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही फरार आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा और गबन की गई रकम की बरामदगी सुनिश्चित की जाएगी।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक का आमजन को संदेश – मामले का खुलासा करते हुए एसएसपी शशि मोहन सिंह ने नागरिकों से वित्तीय सतर्कता बरतने की अपील की है:
“लोगों की गाढ़ी और मेहनत की कमाई पर डाका डालने वाले अपराधियों के खिलाफ रायगढ़ पुलिस पूरी सख्ती से निपटेगी। ग्रामीण और आम नागरिक अपने बैंक खाते, चेकबुक, पासबुक या कोई भी निजी वित्तीय दस्तावेज किसी अन्य व्यक्ति के भरोसे न छोड़ें। किसी भी दस्तावेज या चेक पर बिना पढ़े-समझे हस्ताक्षर न करें। अपने बैंक खातों की नियमित जांच करें और किसी भी प्रकार के संदिग्ध लेन-देन की सूचना तुरंत नजदीकी थाने को दें। जागरूकता ही आर्थिक अपराधों से बचने का सर्वोत्तम उपाय है।”




