लैलूंगा में स्कूल के वॉशरूम में 13 वर्षीय छात्र से हैवानियत: 8वीं के छात्रों पर रैगिंग, बेरहमी से मारपीट और जान से मारने की धमकी का गंभीर आरोप, पुलिस व शिक्षा विभाग में शिकायत दर्ज…

लैलूंगा। विद्या के मंदिर कहे जाने वाले स्कूल में अनुशासन, सुरक्षा और बच्चों के भविष्य को कटघरे में खड़ा करने वाली एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। एक निजी अंग्रेजी माध्यम स्कूल के भीतर कक्षा 7वीं में पढ़ने वाले 13 वर्षीय छात्र को कक्षा 8वीं के सीनियर छात्रों ने रैगिंग की नीयत से घेरकर जानलेवा हमला कर दिया। इस घटना ने न केवल स्कूल परिसर में बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, बल्कि अभिभावकों में भी भारी आक्रोश फैला दिया है।
सुनियोजित साजिश: वॉशरूम में रास्ता रोककर शुरू की प्रताड़ना : शिकायत में दर्ज विवरण के अनुसार, दोपहर के वक्त पीड़ित छात्र अपने कुछ सहपाठियों के साथ स्कूल परिसर स्थित शौचालय (वॉशरूम) गया हुआ था। आरोप है कि वहीं पहले से घात लगाए बैठे कक्षा 8वीं के सीनियर छात्रों ने एक सुनियोजित साजिश के तहत 13 वर्षीय छात्र का रास्ता जबरन रोक लिया। सीनियर छात्रों द्वारा छात्र पर दबाव बनाते हुए रैगिंग शुरू की गई, उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया और अत्यंत अश्लील व भद्दी गालियां दी गईं।
विरोध करने पर बेरहमी से पिटाई, चेहरे और आंख पर गंभीर चोटें : जब 7वीं कक्षा के छात्र ने सीनियर्स की इस हरकत और अभद्र व्यवहार का विरोध किया, तो सभी सीनियर छात्रों ने एकराय होकर उस पर ताबड़तोड़ हमला बोल दिया। आरोपियों द्वारा छात्र के साथ इस कदर बर्बरता की गई कि उसके चेहरे और आंख के आसपास गंभीर अंदरूनी व बाहरी चोटें आई हैं।
बीच-बचाव करने आए साथियों को भी पीटा, दी ‘मुंह खोलने पर खत्म करने’ की धमकी : चीख-पुकार और मारपीट होते देख जब पीड़ित छात्र के साथ मौजूद उसके सहपाठियों ने बीच-बचाव करने की कोशिश की, तो बेखौफ सीनियर छात्रों ने उन्हें भी नहीं बख्शा। बीच-बचाव करने आए अन्य सहपाठियों के साथ भी जमकर मारपीट व अभद्रता की गई। इस पूरे कृत्य को अंजाम देने के बाद आरोपी छात्रों ने पीड़ित व उसके साथियों को खुलेआम धमकाया कि यदि उन्होंने इस घटना की जानकारी स्कूल प्रबंधन या अपने परिजनों को दी, तो उन्हें जान से मार दिया जाएगा।
गहरे मानसिक आघात (Trauma) में छात्र : स्कूल के सुरक्षित माने जाने वाले परिसर में घटी इस अमानवीय और हिंसक घटना के बाद से 13 वर्षीय पीड़ित छात्र अत्यधिक भयभीत, मानसिक आघात (Trauma) और गहरे सदमे में है। बच्चे की मानसिक स्थिति और स्वास्थ्य को लेकर परिजन बेहद चिंतित हैं।
कड़ी कानूनी कार्रवाई और मेडिकल जांच की मांग : इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पीड़ित के परिजनों ने स्थानीय थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराते हुए कई सख्त कदम उठाने की मांग की है:
- कठोर गैर-जमानती धाराओं में FIR : नामजद व अन्य आरोपी छात्रों के खिलाफ सख्त एंटी-रैगिंग नियमों, भारतीय न्याय संहिता (BNS) और किशोर न्याय अधिनियम (JJ Act) की गैर-जमानती धाराओं के तहत तत्काल प्राथमिकी दर्ज हो।
- सुरक्षा व निष्पक्ष जांच : पीड़ित छात्रों की सुरक्षा की गारंटी देते हुए मामले में बिना किसी दबाव के निष्पक्ष व कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
शिक्षा विभाग को भी भेजी गई प्रतिलिपि : इस पूरे प्रकरण की औपचारिक सूचना और शिकायत प्रतिलिपि संबंधित विकासखंड शिक्षा अधिकारी को भी प्रेषित की गई है। परिजनों का कहना है कि स्कूल परिसर के अंदर ऐसी वारदात होना प्रबंधन की भारी लापरवाही को दर्शाता है, जिसके खिलाफ सख्त प्रशासनिक कार्रवाई होनी चाहिए।




