लैलूंगा में घटिया साइकिल वितरण पर फूटा गुस्सा : ‘दलालों के हाथों बिक रहा सिस्टम’, रायगढ़ जिले में प्रशासनिक व राजनीतिक सांठगांठ पर उठे गंभीर सवाल…

रायगढ़। प्रदेश में समाज कल्याण और विकास योजनाओं के नाम पर सरकारी तंत्र में जारी धांधली अब खुलकर सड़कों पर आने लगी है। हाल ही में हुए साइकिल वितरण कार्यक्रम में सामने आई घोर अनियमितताओं और घटिया सामग्री के वितरण ने न केवल प्रशासनिक व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है, बल्कि सत्ता के संरक्षण में फल-फूल रहे दलालों के तंत्र पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
साइकिल वितरण कार्यक्रम में धांधली और मारपीट तक पहुंची बात – प्राप्त जानकारी के अनुसार, साइकिल वितरण के दौरान बांटी जा रही घटिया गुणवत्ता की साइकिलों को लेकर जब विरोध दर्ज कराया गया, तो मामला गरमा गया। आरोप है कि मौके पर भाजपा जिला उपाध्यक्ष दीपक सिदार, जनपद पंचायत उपाध्यक्ष मनोज अग्रवाल समेत कई प्रमुख लोग मौजूद थे। इस दौरान पुलिस और स्थानीय प्रशासन द्वारा विरोध करने वालों के साथ बदसलूकी और धक्का-मुक्की की खबर भी सामने आई है।
वायरल हो रहे घटनाक्रम में स्पष्ट देखा जा सकता है कि जनहित के मुद्दों को उठाने वालों को दबाने के लिए पुलिस बल का बेवजह इस्तेमाल किया जा रहा है।
“मुख्यमंत्री निष्पक्ष, लेकिन सिस्टम पर हावी हैं दलाल” – मामले में पीड़ित पक्ष और उनके परिजनों का कहना है कि प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय अपनी साफ़-सुथरी छवि और निष्पक्ष कार्यशैली के लिए जाने जाते हैं। वे प्रदेश अध्यक्ष के रूप में भी एक कड़क और ईमानदार छवि रखते हैं। लेकिन दुखद बात यह है कि उनके नीचे बैठा दलालों का सिंडिकेट पूरी व्यवस्था को दीमक की तरह चाट रहा है।
“हमारे मुख्यमंत्री निष्पक्ष छवि के व्यक्ति हैं, लेकिन उनके इर्द-गिर्द हावी दलाल और भ्रष्ट तंत्र आम जनता का हक मार रहे हैं। ऊपर से लेकर नीचे तक फैले इस भ्रष्टाचार का पूरी तरह खात्मा होना चाहिए।”
अन्याय के खिलाफ नहीं झुकेगा संघर्ष – मामले की गंभीरता को देखते हुए पीड़ित पक्ष ने स्पष्ट किया है कि वे इस अन्याय के खिलाफ चुप नहीं बैठेंगे। रायगढ़ में उच्च स्तर पर बातचीत जारी है और जल्द ही इस पूरे मामले में बड़ा खुलासा होने की संभावना है। स्थानीय लोगों का भी कहना है कि यदि सरकारी योजनाओं का लाभ इसी तरह घटिया सामान बांटकर और आम जनता की आवाज दबाकर दिया जाएगा, तो इसके खिलाफ उग्र आंदोलन किया जाएगा।




