सारंगढ़ में खनिज माफियाओं का तांडव! टिमरलगा में सरेआम लुट रही सरकारी संपदा, कुंभकर्णी नींद में प्रशासन…

सारंगढ़-बिलाईगढ़। जिले के प्रमुख गौण खनिज क्षेत्र ग्राम टिमरलगा में इन दिनों कथित अवैध खनन और परिवहन को लेकर गंभीर विषय सामने आया है। स्थानीय सूत्रों और ग्रामीणों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, क्षेत्र में बड़े पैमाने पर नियमों की अनदेखी कर खनन कार्य किया जा रहा है, जिससे शासन को भारी राजस्व नुकसान की आशंका है।

कथित अवैध उत्खनन की स्थिति – प्राप्त जानकारी और स्थानीय आरोपों के मुताबिक, टिमरलगा में पप्पू अग्रवाल और कुबेर पटेल द्वारा दर्जनों एकड़ भूमि पर कथित तौर पर अवैध रूप से उत्खनन कराया जा रहा है।
- भारी मशीनों का प्रयोग : इस कार्य में पोकलेन मशीनों और हाईवा वाहनों का लगातार उपयोग किया जा रहा है, जिससे बड़े पैमाने पर खनिज का दोहन हो रहा है।
- क्रशर इकाइयों में खपत : सूत्रों का कहना है कि उत्खनन से प्राप्त खनिज को टिमरलगा क्षेत्र में ही संचालित विभिन्न क्रशर इकाइयों में खपाया जा रहा है, जिसकी वैधता पर भी सवाल उठ रहे हैं।
राजस्व की हानि और नियमों की अनदेखी – इस पूरी गतिविधि के कारण शासन को प्रतिदिन लाखों रुपये के राजस्व की संभावित हानि होने की बात कही जा रही है। साथ ही, खनिज संपदा के दोहन और परिवहन के लिए निर्धारित सरकारी नियमों और मानकों का स्पष्ट रूप से उल्लंघन होने के आरोप भी स्थानीय लोगों द्वारा लगाए गए हैं।
प्रशासनिक कार्रवाई की प्रतीक्षा – ग्रामीणों का कहना है कि यह गतिविधि काफी समय से जारी है, लेकिन अब तक संबंधित विभाग या प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
- संरक्षण के आरोप : कार्रवाई के अभाव में स्थानीय स्तर पर यह चर्चा भी है कि इस मामले में कुछ प्रभावशाली लोगों का संरक्षण प्राप्त हो सकता है, हालांकि इन दावों की अभी तक स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
- कार्यप्रणाली पर सवाल : लंबे समय से कार्रवाई न होने के कारण खनिज विभाग और स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर स्वाभाविक रूप से सवाल खड़े हो रहे हैं।
आगे क्या? – इस खबर के सामने आने के बाद अब स्थानीय लोगों और जागरूक नागरिकों की नजरें प्रशासन और खनिज विभाग के अगले कदम पर टिकी हैं। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि मामले की जांच कर क्या उचित दंडात्मक कार्रवाई की जाती है।
आगामी रिपोर्ट में :इस पूरे प्रकरण को लेकर जिले के खनिज अधिकारी बजरंग पैकरा का क्या पक्ष है और विभाग इस दिशा में क्या आधिकारिक कदम उठाने जा रहा है, इसकी विस्तृत जानकारी हम समाचार के अगले भाग में साझा करेंगे।




