बलरामपुर जिला अस्पताल में मौत की ‘छलांग’! तीसरी मंजिल से गिरकर महिला मरीज की मौत, प्रबंधन पर उठे सवाल…

बलरामपुर। सरकारी अस्पतालों की सुरक्षा व्यवस्था और वार्डों की निगरानी पर एक बार फिर गंभीर सवालिया निशान लग गए हैं। जिला अस्पताल बलरामपुर में इलाज के लिए भर्ती एक 50 वर्षीय महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में छत से गिरकर मौत हो गई। इस सनसनीखेज घटना के बाद पूरे अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया है।
क्या है पूरा मामला? – मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम सेंदुर निवासी कलेश्वरी (50 वर्ष) को पेट दर्द और उल्टी-बुखार की शिकायत के बाद 27 अप्रैल को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों को उम्मीद थी कि यहाँ उनकी मरीज स्वस्थ होकर घर लौटेगी, लेकिन आधी रात को जो हुआ उसने सबके होश उड़ा दिए।
आधी रात को ‘गायब’ हुई मरीज : घटना बीती रात करीब 12:30 बजे की है। मृतका के परिजनों ने बताया कि जब उनकी आँख खुली, तो कलेश्वरी अपने बेड से गायब थी। आनन-फानन में परिजनों ने वार्ड से लेकर बाथरूम तक छानबीन की, लेकिन महिला का कहीं सुराग नहीं मिला। काफी मशक्कत के बाद महिला अस्पताल की बिल्डिंग के नीचे लहूलुहान और गंभीर हालत में तड़पती हुई मिली।
बड़ा सवाल: जब मरीज गंभीर हालत में भर्ती थी, तो वह वार्ड से बाहर निकलकर छत तक कैसे पहुँच गई? क्या उस वक्त ड्यूटी पर तैनात स्टाफ सो रहा था?
अंबिकापुर ले जाते समय रास्ते में तोड़ा दम : घायल महिला को तुरंत इमरजेंसी वार्ड ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसकी नाजुक हालत को देखते हुए अंबिकापुर रेफर कर दिया। बदकिस्मती से, एम्बुलेंस के अंबिकापुर पहुँचने से पहले ही महिला की सांसें थम गईं।
प्रबंधन की सफाई : “जांच का विषय है” – इस दुखद घटना पर जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. शशांक गुप्ता का कहना है कि:
- महिला की स्थिति में लगातार सुधार हो रहा था।
- आशंका है कि वह देर रात खुद बाहर निकलीं और दुर्घटनावश गिर गईं।
- मामले की गंभीरता को देखते हुए विभाग अलर्ट मोड पर है और पूरी घटना की निष्पक्ष जांच की जा रही है।
सिस्टम की खामियां उजागर : यह घटना केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि अस्पताल की सुरक्षा चूक की ओर इशारा करती है।
- निगरानी में कमी : वार्ड में तैनात नर्सों और गार्ड्स को मरीज के बाहर निकलने की भनक क्यों नहीं लगी?
- छत तक पहुंच : क्या अस्पताल की छत के रास्ते खुले थे? अगर मरीज मानसिक रूप से परेशान नहीं थी, तो वह रात के अंधेरे में छत पर क्यों गई?
पुलिस अब इस गुत्थी को सुलझाने में जुट गई है कि यह महज एक हादसा है या इसके पीछे कोई और बड़ी वजह। फिलहाल, इस घटना ने स्वास्थ्य विभाग की चाक-चौबंद व्यवस्थाओं के दावों की पोल खोल दी है।




