बिलासपुर क्राइम डायरी : कहीं जुए की लत में छात्र हुआ ‘लापता’, तो कहीं यूनिवर्सिटी कैंपस में धार्मिक टिप्पणी पर खूनी संघर्ष…

बिलासपुर। न्यायधानी के दो प्रमुख शैक्षणिक संस्थान—सीवी रमन यूनिवर्सिटी और गुरु घासीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी (GGU)—इन दिनों विवादों और पुलिस कार्रवाई के केंद्र में हैं। एक तरफ लापता छात्र को नागपुर से बरामद किया गया, तो दूसरी तरफ सेंट्रल यूनिवर्सिटी में वैचारिक मतभेद ने हिंसक रूप ले लिया है।
ऑनलाइन सट्टे का मायाजाल: हॉस्टल से गायब छात्र नागपुर में मिला : कोटा पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए सीवी रमन यूनिवर्सिटी के लापता बी.फार्मेसी छात्र रोहित कुमार को सुरक्षित बरामद कर लिया है।
- मिस्ट्री और रिकवरी : रोहित 6 मार्च 2026 को अचानक हॉस्टल से गायब हो गया था। पुलिस ने मथुरा, वृंदावन और दमोह में खाक छानी, लेकिन सफलता 25 अप्रैल को मिली जब छात्र की लोकेशन नागपुर में ट्रेस हुई।
- वजह (दहशत और कर्ज) : पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा हुआ। रोहित ऑनलाइन बेटिंग गेम्स (सट्टेबाजी) का आदी हो चुका था और भारी कर्ज में डूबा था। पिता की डांट और लेनदारों के डर से उसने खुद के ‘लापता’ होने की साजिश रची थी।
- अंजाम : पुलिस ने छात्र को परिजनों के सुपुर्द कर दिया है।
सेंट्रल यूनिवर्सिटी में संग्राम : व्हाट्सएप ग्रुप से शुरू हुआ विवाद, 4 छात्र निष्कासित –
गुरु घासीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी (GGU) का विवेकानंद हॉस्टल अखाड़ा बन गया। मामला भगवान श्रीराम, परशुराम और डॉ. भीमराव अंबेडकर पर की गई आपत्तिजनक धार्मिक टिप्पणियों से जुड़ा है।
कठोर कार्रवाई की गाज : यूनिवर्सिटी प्रशासन ने अनुशासनहीनता पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए 4 छात्रों को हॉस्टल से बाहर का रास्ता दिखा दिया है :
- तोफान चन्द्र नायक (लॉ)
- प्रियांशु (लॉ)
- कौस्तुभ मणी पाण्डे (लॉ)
- अंशुमान सिंह (फार्मेसी)
सुरक्षा प्रभारी को नोटिस और कानूनी पेंच : यूनिवर्सिटी की सुरक्षा में हुई चूक को लेकर सुरक्षा प्रभारी सीमा राय को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
अजीबोगरीब मामला : कोनी थाने में दर्ज कराई गई शिकायत भी चर्चा में है। यूनिवर्सिटी ने ‘केंद्रीय सुरक्षा अनुभाग’ के नाम से रिपोर्ट तो लिखवाई, लेकिन शिकायत पत्र पर किसी जिम्मेदार अधिकारी का पदनाम (Designation) तक नहीं है।
फैक्ट फाइंडिंग कमेटी की जांच जारी : यूनिवर्सिटी के मीडिया प्रभारी प्रो. मनीष श्रीवास्तव के अनुसार, चार सदस्यीय कमेटी मामले की तह तक जाने के लिए जांच कर रही है। हालांकि, सेमेस्टर परीक्षाएं चलने के कारण सोमवार को छात्रों के बयान दर्ज नहीं हो सके।
नजरिया : ये दोनों घटनाएं बताती हैं कि युवाओं में बढ़ती सट्टेबाजी की लत और सोशल मीडिया पर धार्मिक कट्टरता कैंपस के माहौल को जहरीला बना रही है। प्रशासन की सख्ती तो दिखी है, लेकिन क्या यह छात्रों की मानसिकता बदलने के लिए काफी है?




