विश्राम गृह बना ‘मयखाना’ : मंत्री के हंटर के बाद CSEB में बड़ी सर्जरी, दागी अफसर मड़वा रवाना…

कोरबा। छत्तीसगढ़ स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड (CSEB) के गलियारों में उस वक्त हड़कंप मच गया जब अनुशासन की धज्जियां उड़ाने वाले दो बड़े अधिकारियों पर शासन का डंडा चला। कोरबा पूर्व स्थित अति विशिष्ट गेस्ट हाउस (VVIP Guest House) को ‘मधुशाला’ बनाने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए प्रबंधन ने उनका तत्काल प्रभाव से तबादला कर दिया है।
वीडियो ने खोली पोल, मंत्री के तेवर हुए तल्ख : यह पूरी कार्रवाई पिछले सप्ताह वायरल हुए एक शर्मनाक वीडियो के बाद शुरू हुई। वीडियो में डीएसपीएम (DSPM) में पदस्थ मुख्य रासायनज्ञ गोवर्धन सिदार अपने साथियों के साथ वीवीआईपी गेस्ट हाउस में जाम छलकाते हुए कैमरे में कैद हुए थे। सरकारी संपत्ति पर इस तरह की ‘अय्याशी’ की खबर जैसे ही कैबिनेट मंत्री लखन लाल देवांगन तक पहुँची, उन्होंने कड़े रुख अख्तियार करते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
तबादले की गाज : कौन कहाँ गया? – प्रबंधन द्वारा जारी आदेश के तहत इस मामले में सीधे तौर पर शामिल और प्रशासनिक फेरबदल की जद में आए अधिकारियों का विवरण इस प्रकार है :

प्रशासनिक संदेश: “अनुशासनहीनता की ‘पावर’ अब नहीं चलेगी”
CSEB प्रबंधन ने इस कार्रवाई के जरिए यह स्पष्ट संदेश देने की कोशिश की है कि सरकारी विश्राम गृहों का उपयोग केवल आधिकारिक कार्यों के लिए होगा, न कि निजी महफिलों के लिए। आदेश में साफ कहा गया है कि:
”सरकारी आवास और गेस्ट हाउस की गरिमा से समझौता किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है।”
औपचारिकता या न्याय? कर्मचारियों में दो फाड़ : जहाँ एक ओर इस त्वरित कार्रवाई को मंत्री की सक्रियता से जोड़कर देखा जा रहा है, वहीं विभाग के अंदरूनी हलकों में चर्चाओं का बाजार गर्म है।
- पक्ष : कुछ कर्मचारी इसे प्रशासन की सख्ती मान रहे हैं।
- विपक्ष : बुद्धिजीवियों और कुछ कर्मचारियों का तर्क है कि ‘तबादला’ कोई सजा नहीं है। इतने गंभीर मामले में निलंबन (Suspension) और विभागीय जांच जैसी कठोर कार्रवाई होनी चाहिए थी ताकि भविष्य में कोई दूसरा अधिकारी ऐसी जुर्रत न कर सके।
फिलहाल, गोवर्धन सिदार को मड़वा भेजकर मामले को शांत करने की कोशिश की गई है, लेकिन कोरबा के प्रशासनिक गलियारों में इस ‘शराब कांड’ की गूँज अभी थमने वाली नहीं है।




