छत्तीसगढ़

रायपुर : शनिवार की छुट्टी पर ‘सस्पेंस’ – क्या सरकारी आदेशों को ठेंगा दिखा रहे हैं विभाग?…

भाग 1

रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) द्वारा राज्य के सरकारी कर्मचारियों की कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए जारी किया गया ‘शनिवार अवकाश’ का ऐतिहासिक आदेश अब कानूनी पेचीदगियों और RTI के सवालों के घेरे में है। मामला तब गरमाया जब एक RTI आवेदन के जवाब में शासन ने स्पष्ट किया कि राज्य में सभी शनिवार को अवकाश घोषित करने संबंधी अधिसूचना क्रमांक-एफ 1-3/2012/1/5 (दिनांक 02 फरवरी 2022) प्रभावी है।

क्या है विवाद की जड़? – ​शासन ने गजट नोटिफिकेशन के जरिए मंत्रालय, विभागाध्यक्ष कार्यालयों और समस्त मैदानी कार्यालयों के लिए सुबह 10:00 से शाम 05:30 बजे तक का समय निर्धारित करते हुए हर शनिवार को छुट्टी की घोषणा की थी। लेकिन, अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या यह आदेश अभियोजन अधिकारियों (Prosecution Officers) और उनके कर्मचारियों पर भी लागू होता है?

RTI के ‘ब्रह्मास्त्र’ से घेराबंदी – ​सूचना के अधिकार के तहत मांगी गई जानकारी ने विभाग को धर्मसंकट में डाल दिया है। आवेदक ने स्पष्ट पूछा है कि:

  • ​यदि 2 फरवरी 2022 का आदेश समस्त जिलों के अभियोजन अधिकारियों पर लागू है, तो उन्हें शनिवार का अवकाश क्यों नहीं मिल रहा?
  • ​यदि लागू नहीं है, तो वह ‘विशेष नियम’ या ‘अधिसूचना’ कहाँ है जिसके आधार पर उनसे शनिवार को कार्य लिया जा रहा है?

BNS और RTI की धाराओं का कड़ा रुख – आवेदक ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि सूचना छिपाना या भ्रामक जानकारी देना केवल प्रशासनिक चूक नहीं, बल्कि भारतीय न्याय संहिता (BNS-2023) की धारा 198 और 240 के तहत एक ‘आपराधिक कृत्य’ माना जाएगा। इसके अलावा, RTI की धारा 20 (i)(ii) के तहत जवाबदेह अधिकारी पर दंड का प्रावधान भी रेखांकित किया गया है।

मुख्य बिंदु जो शासन की मुश्किलें बढ़ा सकते हैं :

  • समानता का अधिकार : जब अधिसूचना में “समस्त मैदानी कार्यालय” (All Field Offices) शब्द का प्रयोग किया गया है, तो अभियोजन विभाग को इससे बाहर रखने का आधार क्या है?
  • अधिसूचना का उल्लंघन : 2022 का आदेश पूर्व के सभी आदेशों को ‘अधिक्रमित’ (Supersede) करता है। ऐसे में किसी भी पुराने नियम का हवाला देकर शनिवार को कार्य लेना कानूनी रूप से चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
  • दायित्व का निर्धारण : RTI की धारा 5(4) और 5(5) के तहत अब जन सूचना अधिकारी की व्यक्तिगत जिम्मेदारी तय कर दी गई है।

अब देखना यह होगा कि सामान्य प्रशासन विभाग इस पर क्या स्पष्टीकरण देता है। यदि अभियोजन अधिकारियों के लिए कोई अलग अधिसूचना मौजूद नहीं है, तो विभाग को या तो अवकाश देना होगा या फिर अपनी ही अधिसूचना के उल्लंघन के आरोपों का सामना करना होगा।

Admin : RM24

Investigative Journalist & RTI Activist

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!