रायगढ़ में नकली सिगरेट के बड़े सिंडिकेट का भंडाफोड़: ‘महादेव पान मसाला’ पर पुलिस का सर्जिकल स्ट्राइक!…

रायगढ़। नकली उत्पादों के जरिए उपभोक्ताओं की जेब काटने और नामी कंपनियों के ट्रेडमार्क पर डाका डालने वाले गिरोह के खिलाफ रायगढ़ पुलिस ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। एसएसपी शशि मोहन सिंह के तेवरों ने जिले के जालसाजों में हड़कंप मचा दिया है। थाना चक्रधरनगर पुलिस ने सिंधी कॉलोनी स्थित “महादेव पान मसाला” सेंटर और उसके गोदाम पर दबिश देकर नकली सिगरेट का भारी जखीरा बरामद किया है।
पहली बार ट्रेडमार्क अधिनियम के तहत इतनी बड़ी स्ट्राइक – जिले के इतिहास में यह संभवतः पहला मामला है जहाँ ट्रेडमार्क और कॉपीराइट एक्ट के तहत इतनी कड़ी कार्रवाई की गई है। पुलिस ने न केवल माल जब्त किया, बल्कि दुकान संचालक को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है।
ऐसे खुला जालसाजी का ‘धुआं’ – आईटीसी कंपनी (ITC) को लंबे समय से शिकायत मिल रही थी कि रायगढ़ में उनके प्रतिष्ठित ब्रांड जैसे गोल्ड फ्लेक, फ्लेक और कैपस्टन के नाम पर घटिया और नकली सिगरेट बेची जा रही है।
- गोपनीय जांच : 15 अप्रैल को पुलिस ने ग्राहक बनकर सिगरेट के नमूने खरीदे।
- पकड़ी गई चोरी : जांच में पाया गया कि पैकेट पर बने लोगो और फॉन्ट असली ब्रांड से अलग थे। यहाँ तक कि ‘गोल्ड विमल’ जैसे नाम रखकर खुलेआम कॉपीराइट का उल्लंघन किया जा रहा था।
क्या-क्या हुआ जब्त? – सीएसपी मयंक मिश्रा के नेतृत्व में जब चक्रधरनगर पुलिस ने रेड मारी, तो गोदाम का नजारा देख अधिकारी भी दंग रह गए। पुलिस ने मौके से:
- नकली गोल्ड विमल : 920 डिब्बे
- गोल्ड फ्लैक किंग : 207 डिब्बे
- व्हाइट फ्लेक्स : 274 डिब्बे
- अन्य नकली उत्पाद : भारी मात्रा में बरामद। कुल जप्ती की कीमत लगभग ₹61,310 आंकी गई है।
आरोपी गिरफ्तार, संगीन धाराओं में केस दर्ज – पुलिस ने दुकान संचालक लक्ष्मण दास जय सिंह (52 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ नए कानून BNS की धारा 318(1), 349 के साथ-साथ ट्रेडमार्क अधिनियम (103, 104) और कॉपीराइट अधिनियम (63, 64) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
“नकली सामान बेचकर जनता को धोखा देना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह तो सिर्फ शुरुआत है, ऐसे हर नेटवर्क को ध्वस्त किया जाएगा जो उपभोक्ताओं और कंपनियों के साथ धोखाधड़ी कर रहे हैं।”
शशि मोहन सिंह, एसएसपी, रायगढ़
इनकी रही मुख्य भूमिका : इस सफल रेड में एडिशनल एसपी अनिल सोनी के मार्गदर्शन में सीएसपी मयंक मिश्रा, उप निरीक्षक गेंदलाल साहू, एएसआई आशिक रात्रे और आरक्षक संदीप कौशिक व विक्रम सिंह की जांबाज भूमिका रही।
सतर्क रहें : असली और नकली की पहचान करें, धोखाधड़ी की सूचना तुरंत नजदीकी थाने में दें।




