कलेक्टर का ‘हंटर’ : गंदगी और चींटियों वाली मिठाइयाँ खिला रहा था दूध गंगा, कलेक्टर ने मौके पर ही कराया सील…

बालोद। जिले के रसूखदार संस्थानों में शुमार ‘दूध गंगा’ पर प्रशासन का बड़ा चाबुक चला है। मिलावटखोरी और लापरवाही के खिलाफ ‘एक्शन मोड’ में आईं कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा ने औचक निरीक्षण के दौरान संस्थान की जो तस्वीर देखी, उसने अधिकारियों के भी होश उड़ा दिए। भारी गंदगी और मिठाइयों पर रेंगती चींटियों को देख कलेक्टर का पारा चढ़ गया, जिसके बाद उन्होंने दूध गंगा को तत्काल प्रभाव से बंद कर सील करने का फरमान जारी कर दिया।

मिठाइयों में रेंग रही थीं चींटियां, नरक जैसा था किचन – लंबे समय से मिल रही शिकायतों के बाद जब कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा और एसडीएम की टीम दूध गंगा पहुंची, तो वहां का नजारा बेहद वीभत्स था। जिस जगह खाद्य सामग्री तैयार की जा रही थी, वहां गंदगी का अंबार लगा हुआ था। हद तो तब हो गई जब डिस्प्ले में रखी मिठाइयों के भीतर जिंदा चींटियां रेंगती पाई गईं। आम जनता की सेहत के साथ हो रहे इस खिलवाड़ को देख कलेक्टर ने मौके पर ही फटकार लगाई और एसडीएम को संस्थान सील करने के निर्देश दिए।
खाद्य विभाग की ‘सुस्ती’ पर भी गिरेगी गाज – यह संस्थान केंद्र सहकारी समिति के माध्यम से संचालित होता है, जिससे इसकी साख जुड़ी हुई थी। कलेक्टर ने इस मामले में न केवल संचालकों, बल्कि खाद्य विभाग की मॉनिटरिंग पर भी कड़े सवाल उठाए हैं। प्रशासन ने माना है कि विभाग की ढिलाई के कारण ही संचालकों के हौसले इतने बुलंद थे कि वे लोगों को दूषित सामान परोस रहे थे।
सैंपल जब्त, जिम्मेदार अधिकारियों की बढ़ेंगी मुश्किलें – कलेक्टर के निर्देश पर खाद्य विभाग ने सभी उत्पादों के सैंपल लिए हैं। प्रशासन का स्पष्ट संदेश है :
- सैंपल फेल होने पर FIR: लैब रिपोर्ट में गड़बड़ी मिलते ही संबंधितों पर कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
- अधिकारियों पर कार्रवाई: मॉनिटरिंग में फेल रहे जिम्मेदार अधिकारियों की भी सूची तैयार की जा रही है।
- जीरो टॉलरेंस: जिले में खाद्य सुरक्षा को लेकर अब किसी भी संस्थान को बख्शा नहीं जाएगा।
“जनता की सेहत से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दूध गंगा में मिली अनियमितताएं गंभीर हैं। सैंपल रिपोर्ट के आधार पर ऐसी कार्रवाई होगी जो दूसरों के लिए नजीर बनेगी।”
प्रशासनिक सूत्र
बालोद प्रशासन की इस बड़ी कार्रवाई से मिलावटखोरों और लापरवाह संचालकों में हड़कंप मच गया है।



