जांजगीर-चाम्पा

जनदर्शन में फूटा जनता का दर्द : कहीं मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए भटक रही बुजुर्ग महिला, तो कहीं अधिकारियों की बदतमीजी से पूर्व पार्षद भी परेशान!…

जांजगीर-चाँपा: कलेक्टर जनदर्शन में शिकायतों का अंबार लगा है, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि आम जनता दफ्तरों के चक्कर काट-काट कर बेदम हो रही है। हाल ही में सामने आए दो मामलों ने जांजगीर-चाँपा और चाँपा नगर पालिका के प्रशासनिक ढर्रे की कलई खोलकर रख दी है।

मामला 1 : बुजुर्ग महिला की बेबसी -माँ की मृत्यु के बाद प्रमाण पत्र को तरसीं! – नया पारा चाँपा की निवासी बृहस्पति बाई यादव अपनी माँ की मृत्यु के बाद “मृत्यु प्रमाण पत्र” पाने के लिए दर-दर की ठोकरें खा रही हैं। उन्होंने 10 मार्च 2026 को आवेदन दिया था, लेकिन 26 दिन बीत जाने और 6 बार दफ्तर के चक्कर लगाने के बाद भी उन्हें खाली हाथ लौटाया जा रहा है।

  • विभागीय लापरवाही: कर्मचारी यह कहकर पल्ला झाड़ रहे हैं कि फाइल ऊपर से नीचे नहीं आई।
  • अमानवीय व्यवहार: एक बुजुर्ग महिला को सीढ़ियाँ चढ़ने-उतरने में होने वाली तकलीफ को नजरअंदाज करते हुए सिस्टम उन्हें बाबूगीरी के जाल में उलझाए बैठा है। उन्होंने अब सीधे कलेक्टर से न्याय की गुहार लगाई है।

मामला 2 : “एसी रूम में बैठकर रील्स देख रहे कर्मचारी”—पूर्व पार्षद के साथ अभद्रता – दूसरा मामला और भी गंभीर है, जहाँ पूर्व पार्षद रंजन कुमार केंवट ने नगर पालिका चाँपा के कर्मचारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। 18 मार्च 2026 को आयोजित ‘जन समस्या निवारण शिविर’ में जब उन्होंने जनहित की मांगों को लेकर आवेदन दिया, तो निर्माण विभाग के बाबू जवाहर लाल पटेल ने कथित तौर पर उनका आवेदन शिविर में ही फेंक दिया और उनके साथ अभद्र व्यवहार किया।

  • गंभीर आरोप : पूर्व पार्षद का कहना है कि जिम्मेदार अधिकारी शिविर से नदारद थे और कर्मचारी आम जनता की समस्याओं को सुलझाने के बजाय एसी कमरों में बैठकर मोबाइल पर रील्स (Reels) देखने में मशगूल हैं।
  • सवाल : जब एक पूर्व जनप्रतिनिधि के साथ ऐसा व्यवहार हो सकता है, तो आम नागरिक की क्या बिसात?

जनता का सवाल: क्या केवल कागजों पर चलेगा सुशासन? – इन दोनों शिकायतों ने यह साबित कर दिया है कि नगर पालिका परिषद चाँपा में अनुशासन नाम की कोई चीज नहीं बची है। एक तरफ बुजुर्ग महिला को उनके संवैधानिक अधिकार के लिए रुलाया जा रहा है, तो दूसरी तरफ जनहित की बात करने वालों का अपमान किया जा रहा है।

देखना होगा कि इन शिकायतों के बाद कलेक्टर महोदय और नगर पालिका प्रशासन उन लापरवाह कर्मचारियों पर क्या कार्रवाई करते हैं जो जनता की सेवा के बजाय “रील्स और रसूख” में डूबे हैं।

Admin : RM24

Investigative Journalist & RTI Activist

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!