अंबिकापुर

ढाई महीने का साथ, साड़ी का फंदा और अधूरी दास्तान : सरगुजा में 18 साल की नवविवाहिता ने दी जान…

अंबिकापुर (सरगुजा): छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले से एक रूह कंपा देने वाली खबर सामने आई है, जहां वैवाहिक जीवन की शुरुआत होने से पहले ही एक हंसता-खेलता घर उजड़ गया। कोतवाली थाना क्षेत्र के केपी गांव में एक 18 वर्षीय नवविवाहिता, पूजा गिरी ने संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली।

अंतिम मुलाकात : पति को गले लगाया और फिर बंद कर लिया दरवाजा – घटना के पीछे की कहानी जितनी अजीब है, उतनी ही दर्दनाक भी। मिली जानकारी के अनुसार, पूजा ने रविवार शाम अपने 19 वर्षीय पति मुकेश गिरी को फोन कर घर बुलाया। उसने बहाना बनाया कि उसकी तबीयत खराब है। जब पति घबराकर घर पहुँचा, तो पूजा ने उसे गले लगाया – मानो वह आखिरी बार विदा ले रही हो। इसके तुरंत बाद उसने खुद को कमरे में बंद कर लिया।

छप्पर तोड़कर घुसे परिजन, पर थम चुकी थीं सांसें – ​काफी देर तक जब दरवाजा नहीं खुला, तो परिजनों का माथा ठनका। अनहोनी की आशंका में शोर मचाया गया, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं आया। आखिरकार, परिजनों ने खपरैल का छप्पर तोड़कर कमरे में प्रवेश किया। अंदर का नजारा खौफनाक था; पूजा साड़ी के फंदे से लटक रही थी। आनन-फानन में उसे नीचे उतारा गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।

महज ढाई महीने पहले गूंजी थी शहनाई – ​उदयपुर ब्लॉक के ग्राम पूटा की रहने वाली पूजा और केपी गांव के मुकेश की शादी मात्र 75 दिन पहले सामाजिक रीति-रिवाजों के साथ हुई थी। पति मुकेश ने पुलिस को बताया कि:

  • ​वह शाम को डांस क्लास गया था।
  • ​पूजा ने फोन कर दवा लाने को कहा था।
  • ​घर पहुँचने पर वह उल्टी कर रही थी, लेकिन अचानक उसने यह आत्मघाती कदम उठा लिया।
  • ​पति के अनुसार, पूजा स्वभाव से संवेदनशील थी और छोटी-छोटी बातों पर नाराज हो जाती थी।

जांच में जुटी पुलिस : क्या यह महज नाराजगी थी? – सोमवार को न्यायिक मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में शव का पंचनामा कर पोस्टमॉर्टम कराया गया। पुलिस के लिए यह गुत्थी सुलझाना चुनौती है कि क्या महज छोटी सी नाराजगी इतनी बड़ी वजह बन सकती है कि कोई मौत को गले लगा ले?

वर्तमान स्थिति :  फिलहाल मृतका के मायके पक्ष ने किसी भी तरह की लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई है। पुलिस मर्ग कायम कर मामले की गहराई से तफ्तीश कर रही है।

नोट : आत्महत्या किसी भी समस्या का समाधान नहीं है। यदि आप या आपके जानने वाले किसी मानसिक तनाव से गुजर रहे हैं, तो कृपया मनोचिकित्सक या हेल्पलाइन नंबरों से संपर्क करें।

Admin : RM24

Investigative Journalist & RTI Activist

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