ऑपरेशन क्लीन-स्वीप : मेडिकल स्टोर की आड़ में ‘नशे का नेटवर्क’ ध्वस्त, ₹7 लाख के माल के साथ शातिर संचालक गिरफ्तार!

अम्बिकापुर। सरगुजा पुलिस ने नशे के सौदागरों की कमर तोड़ते हुए एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा के सख्त रुख के बाद गांधीनगर पुलिस ने ‘सिद्धि विनायक मेडिकल स्टोर’ के संचालक को नशीली दवाओं के अवैध कारोबार के आरोप में दबोचा है। आरोपी दवाओं की आड़ में अपनी लग्जरी कार को ‘नार्कोटिक्स स्टोर’ बनाकर मौत का सामान सप्लाई कर रहा था।
दवा की दुकान… नशे का सामान – गांधीनगर पुलिस को सटीक सूचना मिली थी कि फुन्दुरडिहारी स्थित सिद्धि विनायक मेडिकल स्टोर का संचालक संदीप कुमार चौहान मरीजों को दवा देने के बजाय युवाओं को नशे की खेप परोस रहा है। पुलिस ने जब घेराबंदी कर आरोपी को हिरासत में लिया, तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ।
चलता-फिरता नार्कोटिक्स गोदाम बनी ‘स्विफ्ट कार’ – पुलिस ने जब दुकान के बाहर खड़ी आरोपी की स्विफ्ट कार (CG 13 UG 9338) की तलाशी ली, तो उसकी डिक्की नशीली सिरप की बोतलों से भरी मिली।
- बरामदगी : 95 नग कोडीन युक्त कफ सिरप, भारी मात्रा में नशीली दवाओं के खाली रैपर और शीशियां।
- कुल जब्ती : कार समेत लगभग 07 लाख रुपये का मशरूका पुलिस ने ज़ब्त किया है।
NDPS एक्ट के तहत बड़ी कार्रवाई – आरोपी ने कबूल किया कि वह एजेंसी से भारी मात्रा में नशीली सिरप लाकर कार में छिपा देता था और वहीं से ग्राहकों को ऊंचे दामों पर बेचता था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 22(C) NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसे जेल भेज दिया है।
“मेडिकल स्टोर जैसे पवित्र पेशे को कलंकित करने वाले किसी भी अपराधी को छोड़ा नहीं जाएगा। यह कार्रवाई नशे के खिलाफ जारी युद्ध का एक हिस्सा है।” — सरगुजा पुलिस
पुलिस टीम की मुस्तैदी – इस सफल कार्रवाई को अंजाम देने में उप निरीक्षक दिलीप दुबे, प्रधान आरक्षक रुस्तम सिंह और आरक्षक राहुल सिंह, विकास सिंह, अमृत सिंह, रमन मण्डल व घनश्याम देवांगन की मुख्य भूमिका रही।




