चरित्र पर शक और खूनी अंजाम : सूरजपुर में ‘कातिल’ पति का 26 दिनों का नाटक खत्म…

सूरजपुर। कहते हैं कि कानून के हाथ लंबे होते हैं, और सूरजपुर पुलिस ने इसे एक बार फिर साबित कर दिया है। जिले के तारकेश्वरपुर गांव में हुए एक अंधे कत्ल की गुत्थी को पुलिस ने 26 दिनों बाद सुलझा लिया है। जिस पति ने अपनी पत्नी की मौत पर घड़ियाली आंसू बहाए और पुलिस को गुमराह करने के लिए झूठी कहानी गढ़ी, अंततः वही अपनी पत्नी का ‘जल्लाद’ निकला।
साजिश का पर्दाफाश : नशे की ओट में छिपाया था कत्ल – घटना 3 मार्च की है, जब आरोपी अलमा प्रजापति ने अपनी पत्नी लीलावती की बेरहमी से हत्या कर दी। शातिर दिमाग पति ने समाज और पुलिस की नजरों में धूल झोंकने के लिए इसे एक सामान्य मौत का रूप देने की कोशिश की। उसने दावा किया था कि वह बाजार से लौटा तो पत्नी नशे की हालत में पलंग के नीचे पड़ी थी और सुबह उसकी मौत हो गई।
शक की चिंगारी और प्लास्टिक पाइप से प्रहार – पुलिस जांच में जो सच निकलकर सामने आया, वह रूह कंपा देने वाला है। आरोपी अलमा प्रजापति का चाल-चलन ठीक नहीं था, जिसका उसकी पत्नी लीलावती विरोध करती थी। घटना वाली रात भी इसी बात को लेकर विवाद हुआ। गुस्से में पागल पति ने:
- पहले प्लास्टिक पाइप से लीलावती को अधमरा होने तक पीटा।
- जब दिल नहीं भरा, तो चाकू से वार कर उसकी जान ले ली।
- हत्या के बाद बड़े ही शातिराना अंदाज में खुद थाने जाकर ‘मनगढ़ंत’ रिपोर्ट दर्ज कराई।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने खोली पोल – आरोपी भले ही खुद को बेगुनाह बता रहा था, लेकिन मृतिका के शरीर पर मौजूद चोट के निशान और पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने पुलिस के शक को यकीन में बदल दिया। एसडीओपी प्रेमनगर बेनार्ड कुजूर के मार्गदर्शन में जब उमेश्वरपुर पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की, तो आरोपी टूट गया और अपना जुर्म कबूल कर लिया।
“आरोपी अलमा प्रजापति क्षेत्र का पुराना बदमाश है। उसने साक्ष्यों को छिपाने और पुलिस को गुमराह करने की पूरी कोशिश की, लेकिन तकनीकी साक्ष्यों और मनोवैज्ञानिक पूछताछ के सामने उसकी चालाकी धरी की धरी रह गई।” – पुलिस विभाग
पुलिस की कार्रवाई – पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर कत्ल में इस्तेमाल चाकू और प्लास्टिक पाइप बरामद कर लिया है। आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। 26 दिनों तक चला झूठ का यह खेल आखिरकार सलाखों के पीछे खत्म हुआ।




