तमनार RTI मामला : अपीलीय पेशी से सचिव नदारद, अब ‘एकपक्षीय कार्रवाई’ और ‘जुर्माने’ की लटकी तलवार?…

रायगढ़। सूचना के अधिकार (RTI) के तहत विकास कार्यों का हिसाब मांगने पर चुप्पी साधने वाले ग्राम पंचायतों के सचिवों की मुश्किलें अब और बढ़ गई हैं। जनपद पंचायत तमनार में आयोजित प्रथम अपीलीय सुनवाई के दौरान सचिवों की अनुपस्थिति ने प्रशासन के गलियारों में हड़कंप मचा दिया है। आवेदक ने अब इस मामले में कड़ी दंडात्मक और एकपक्षीय कार्रवाई की मांग की है।
पेशी से गायब रहे कुंजेमुरा, पेलमा और कोडकेल के सचिव – निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 24 मार्च 2026 को जनपद पंचायत कार्यालय में कुंजेमुरा, पेलमा और कोडकेल ग्राम पंचायतों की अपीलीय सुनवाई तय की गई थी। जहां एक ओर अपीलार्थी समय पर उपस्थित हुए, वहीं तीनों पंचायतों के सचिवों का न पहुंचना उनकी कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। आवेदक ने इसे “घोर निंदनीय” बताते हुए प्रशासन को लिखित शिकायत सौंपी है।
भ्रष्टाचार पर प्रहार : इन दस्तावेजों ने बढ़ाई धड़कनें – सूचना के अधिकार के तहत जो जानकारी मांगी गई है, वह सीधे तौर पर पंचायतों में हुए भ्रष्टाचार की जड़ पर चोट करती है। मुख्य रूप से निम्नलिखित दस्तावेजों की मांग की गई है :
- जियो-टैग तस्वीरें : कार्य के तीन चरणों (पूर्व, मध्य और पूर्ण) की प्रमाणित फोटो।
- मस्टररोल : असली श्रमिकों के भुगतान की पुष्टि करने वाले सत्यापित रिकॉर्ड।
- माप पुस्तिका (MB) : भुगतान का आधार बनने वाले प्रमाणित पृष्ठ।
‘एकपक्षीय कार्यवाही’ की मांग – सुनवाई के दौरान सचिवों की गैर-मौजूदगी को देखते हुए आवेदक ने अपीलीय अधिकारी से अनुरोध किया है कि मामले में अब और ढील न दी जाए। आवेदन में स्पष्ट रूप से मांग की गई है कि :
- मामले में एकपक्षीय कार्यवाही (Ex-parte) सुनिश्चित की जाए।
- दोषी सचिवों के विरुद्ध आवश्यक दंडात्मक कार्यवाही की जाए।
- समस्त वांछित जानकारी तत्काल और निःशुल्क प्रदान की जाए।
क्या होगा अगला कदम? – यदि सचिव आगामी आदेश तक संतोषजनक जवाब या दस्तावेज पेश नहीं करते हैं, तो आरटीआई अधिनियम की धाराओं के तहत उन पर भारी अर्थदंड और अनुशासनात्मक गाज गिरना तय माना जा रहा है। क्षेत्र में इस मामले को लेकर चर्चा गर्म है कि क्या प्रशासन इन “लापरवाह” सचिवों पर पारदर्शिता का चाबुक चला पाएगा?




