बालोद में चीख-पुकार : नामकरण की खुशियाँ मातम में बदलीं, पिकअप पलटने से दो महिलाओं की मौत, 12 घायल…

बालोद। जिले से एक बेहद दर्दनाक खबर सामने आई है, जहाँ रविवार देर रात एक भीषण सड़क हादसे में दो महिलाओं की मौके पर ही मौत हो गई। घटना मंगचुआ थाना क्षेत्र की है, जहाँ एक पिकअप वाहन अनियंत्रित होकर पलट गया। इस हादसे में बच्चों और बुजुर्गों समेत 12 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
खुशियों के जश्न से शुरू हुआ सफर, रास्ते में मिला काल : मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम पद्देटोला के ग्रामीण एक पिकअप वाहन में सवार होकर खलबत्तर गांव एक नामकरण संस्कार (छट्ठी) के कार्यक्रम में शामिल होने गए थे। देर रात कार्यक्रम संपन्न होने के बाद सभी ग्रामीण हंसी-खुशी अपने गांव लौट रहे थे। किसी को अंदाजा भी नहीं था कि यह उनकी आखिरी यात्रा साबित होगी।
खतरनाक मोड़ पर चालक ने खोया नियंत्रण : पिकअप जैसे ही मंगचुआ थाना क्षेत्र के भंवरमरा नेताम टोला मोड़ पर पहुँची, अचानक वाहन बेकाबू हो गया। बताया जा रहा है कि मोड़ पर पिकअप की रफ्तार अधिक थी, जिसके कारण चालक ने संतुलन खो दिया। देखते ही देखते वाहन सड़क किनारे पलट गया। पिकअप के पलटते ही मौके पर चीख-पुकार मच गई।
दो महिलाओं की मौके पर मौत, कई की हालत नाजुक – इस भीषण दुर्घटना में दो महिलाओं की मौके पर ही जान चली गई:
- मान बाई (68 वर्ष)
- नंदिनी (40 वर्ष)
हादसे में घायल हुए 12 से ज्यादा लोगों को स्थानीय ग्रामीणों और पुलिस की मदद से तत्काल लोहारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों के अनुसार, कुछ घायलों की स्थिति बेहद नाजुक है, जिन्हें बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर किया जा रहा है।
पुलिस की कार्रवाई और जाँच : घटना की सूचना मिलते ही मंगचुआ थाना प्रभारी प्रदीप कंवर अपनी टीम के साथ मौके पर पहुँचे। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया और शवों को कब्जे में लेकर मॉर्चुरी भिजवाया।
थाना प्रभारी का बयान:
“प्रारंभिक जाँच में दुर्घटना का मुख्य कारण मोड़ पर वाहन की अनियंत्रित गति और चालक की लापरवाही नजर आ रही है। पुलिस ने पंचनामा कर शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। आज प्रक्रिया पूरी कर शव परिजनों को सौंप दिए जाएंगे। मामले की विस्तृत जाँच की जा रही है।”
असुरक्षित परिवहन बना जानलेवा : इस हादसे ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में मालवाहक वाहनों (जैसे पिकअप) के जरिए सवारी ढोने के खतरे को उजागर कर दिया है। क्षमता से अधिक लोगों के बैठने और तेज रफ्तार के कारण अक्सर ऐसे मोड़ जानलेवा साबित होते हैं।




