जशपुर में खौफनाक वारदात: प्रेम विवाह के 6 महीने बाद ‘कातिल’ बनी पत्नी, मायके वालों के साथ मिलकर रची पति की हत्या की साजिश…

जशपुर। जिले के नारायणपुर थाना क्षेत्र से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ “प्रेम” का अंत “कत्ल” की शक्ल में हुआ। करीब 6 महीने पहले जिस युवती को सुनील राम बड़े अरमानों के साथ घर लेकर आया था, उसी ने अपने रिश्तेदारों के साथ मिलकर सुनील को मौत के घाट उतार दिया। पुलिस ने इस मामले में मृतक की पत्नी समेत 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
प्रेम प्रसंग से शुरू हुई थी कहानी : घटनाक्रम की शुरुआत करीब 6 माह पूर्व हुई थी। ग्राम प्रेमनगर केराडीह निवासी सुनील राम (मृतक) का कांसाबेल क्षेत्र के ग्राम ढेंगुर जोर की रहने वाली मीरा बाई (22 वर्ष) के साथ प्रेम प्रसंग था। सुनील उसे भगाकर अपने घर ले आया था और दोनों पति-पत्नी की तरह रह रहे थे। सुनील की मां पार्वती बाई (55 वर्ष) भी उन्हीं के साथ रहती थी।
खूनी रविवार : जब घर में ही शुरू हुआ तांडव – पुलिस जांच और रिपोर्ट के अनुसार, 1 मार्च 2026 (रविवार) को मीरा बाई ने साजिश के तहत अपने मायके पक्ष के लोगों को प्रेमनगर बुलाया। इसमें उसकी बहनें और जीजा शामिल थे। घर पहुंचते ही सुनील और पत्नी के परिजनों के बीच विवाद शुरू हो गया। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ा कि पांचों आरोपियों ने मिलकर सुनील पर हमला कर दिया और उसे बेरहमी से पीटा। मारपीट के बाद मीरा बाई भी अपने मायके वालों के साथ घर छोड़कर चली गई।
मां की आंखों के सामने तोड़ा दम – घटना के दो दिन बाद तक सुनील अंदरूनी चोटों से जूझता रहा। 3 मार्च की शाम करीब 5:00 बजे सुनील ने अपनी मां से कहा कि उसके पूरे शरीर में असहनीय दर्द हो रहा है और उसे बहुत प्यास लग रही है। मां पार्वती बाई ने उसे पानी पिलाया और बेटे का दर्द कम करने के लिए उसके हाथ-पैर की मालिश करने लगी। लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था; अपनी मां की गोद में ही सुनील ने तड़पते हुए दम तोड़ दिया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने खोला राज : प्रारंभिक तौर पर मामला संदिग्ध था, लेकिन नारायणपुर पुलिस ने गंभीरता दिखाते हुए शव का पंचनामा किया और पोस्टमार्टम कराया। डॉक्टर की शॉर्ट पीएम रिपोर्ट ने सबको चौंका दिया। रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ कि सुनील की मृत्यु प्राकृतिक नहीं थी, बल्कि शरीर के अंदरूनी हिस्सों में आई गंभीर चोटों के कारण उसकी ‘हत्या’ की गई थी। इसके बाद पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) और 190 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई : 5 आरोपी गिरफ्तार – नारायणपुर पुलिस की टीम ने तत्परता दिखाते हुए अलग-अलग क्षेत्रों में दबिश दी और सभी 5 आरोपियों को हिरासत में लिया। आरोपियों ने अपना गुनाह कबूल करते हुए बताया कि उन्होंने आपसी विवाद में मिलकर सुनील की पिटाई की थी।
सलाखों के पीछे पहुंचे आरोपी :
- मीरा बाई (पत्नी): उम्र 20 वर्ष, निवासी ढेंगुर जोर (कांसाबेल)
- मुनिया बाई: उम्र 38 वर्ष, निवासी ढेंगुर जोर (कांसाबेल)
- मीना बाई: उम्र 22 वर्ष, निवासी सराई टोली (बगीचा)
- पुष्पा बाई: उम्र 35 वर्ष, निवासी टांगर बहरी (कुनकुरी)
- शंकर राम (जीजा): उम्र 32 वर्ष, निवासी टांगर बहरी (कुनकुरी)
पुलिस टीम की सराहना – इस अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाने और आरोपियों को जेल भेजने में उप निरीक्षक विवेक भगत, संतोष तिवारी, सहायक उप निरीक्षक उमेश प्रभाकर, और आरक्षक योगेश भगत, राजकुमार भगत व महिला आरक्षक अर्चना तिग्गा की मुख्य भूमिका रही।




