विशेष रिपोर्ट : चांपा में ‘अवैध’ सीमेंट साम्राज्य का खुलासा, प्रशासन की चुप्पी पर उठ रहे सवाल…

जांजगीर-चांपा। शहर के वार्ड क्रमांक 26, छुईहा तालाब स्थित नया कॉलेज रोड इन दिनों चर्चा का केंद्र बना हुआ है। यहाँ सालों से चल रहा सीमेंट के गमलों और खंभों का निर्माण अब विवादों के घेरे में है। बिना किसी वैध अनुमति, बिना बिल और टैक्स चोरी की साये में फल-फूल रहा यह ‘अवैध कारोबार’ न केवल नियमों की धज्जियां उड़ा रहा है, बल्कि शासन के राजस्व को भी भारी चपत लगा रहा है।
सड़क किनारे ‘कब्जा’ और सरेआम निर्माण : स्थानीय लोगों का आरोप है कि मुख्य मार्ग के किनारे खुलेआम सीमेंट के गमले और खंभे तैयार किए जा रहे हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इतने बड़े पैमाने पर हो रहे व्यावसायिक निर्माण के पास न तो कोई व्यावसायिक लाइसेंस है और न ही जीएसटी (GST) बिल का कोई अता-पता। सड़क किनारे हो रहे इस काम से यातायात बाधित हो रहा है, जिससे दुर्घटनाओं का अंदेशा बना रहता है।
खनिज विभाग की भूमिका पर सवाल: आखिर कहाँ से आ रही है रेत? – इस अवैध निर्माण की नींव ‘अवैध रेत’ पर टिकी है। क्षेत्रवासियों ने बताया कि:
- बिना किसी रायल्टी पर्ची के भारी मात्रा में रेत (रेती) रिहाइशी इलाकों और घरों के सामने डंप की जा रही है।
- खनिज विभाग की नाक के नीचे सरेआम अवैध रेत का परिवहन और भंडारण हो रहा है।
- सवाल यह उठता है: क्या खनिज विभाग और स्थानीय प्रशासन ने इस ओर से अपनी आँखें मूंद ली हैं?
राजस्व को लाखों का चूना और टैक्स चोरी : बिना बिल के निर्माण और बिक्री का सीधा अर्थ है – टैक्स की चोरी। जानकारों का कहना है कि इस तरह के अनधिकृत व्यापार से शासन को मिलने वाले राजस्व का बड़ा हिस्सा बिचौलियों और अवैध कारोबारियों की जेब में जा रहा है। स्थानीय निवासियों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि एक तरफ आम आदमी हर छोटे काम के लिए नियमों से बंधा है, वहीं दूसरी ओर यह अवैध कारोबार धड़ल्ले से फल-फूल रहा है।
”सालों से यह काम जारी है, लेकिन आज तक किसी अधिकारी ने यहाँ आकर दस्तावेजों की जाँच करने की जहमत नहीं उठाई। क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे या शिकायत का इंतज़ार कर रहा है?”
स्थानीय निवासी, वार्ड क्र. 26
प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग : वार्डवासियों ने अब जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है। उनकी मांगें स्पष्ट हैं:
- निर्माण कार्य के वैध दस्तावेजों और बिलों की तत्काल जाँच हो।
- अवैध रूप से डंप की गई रेत पर खनिज विभाग कड़ी कार्रवाई करे।
- सड़क किनारे अतिक्रमण कर किए जा रहे निर्माण को तुरंत हटाया जाए।
अब देखना यह होगा कि जांजगीर-चांपा जिला प्रशासन इस ‘सीमेंट माफिया’ पर नकेल कसता है या फिर यह अवैध कारोबार इसी तरह संरक्षण में चलता रहेगा।




