आरटीआई का असर : सूचना दबाने वाले पंचायत सचिव को कड़ी फटकार, 18 मार्च तक मुफ्त जानकारी देने का आदेश…

तमनार (रायगढ़)। सूचना के अधिकार (RTI) के तहत जानकारी छिपाना और टालमटोल करना अब अधिकारियों को भारी पड़ रहा है। जनपद पंचायत तमनार के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) संजय चन्द्रा ने एक सख्त रुख अपनाते हुए ग्राम पंचायत बजरमुडा के सचिव को कड़ी फटकार लगाई है और अपीलार्थी को 18 मार्च 2026 तक समस्त वांछित जानकारी निःशुल्क उपलब्ध कराने का आदेश जारी किया है।
क्या है पूरा मामला? – राजपुर (लैलूंगा) निवासी अपीलार्थी श्री ऋषिकेश मिश्रा ने 15 जनवरी 2026 को ऑनलाइन आवेदन के माध्यम से ग्राम पंचायत बजरमुडा से वित्तीय वर्ष 2024-25 में 15वें वित्त आयोग के तहत हुए कार्यों का लेखा-जोखा मांगा था। इसमें मस्टररोल, जियो टैग तस्वीरें और कैश बुक जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां शामिल थीं।
जन सूचना अधिकारी (सचिव) महेन्द्रप्रताप पटेल द्वारा समय पर जानकारी न देने और हीला-हवाला करने से क्षुब्ध होकर आवेदक ने प्रथम अपील दायर की थी।
सुनवाई में सचिव का बहाना नहीं आया काम : 27 फरवरी 2026 को हुई सुनवाई के दौरान सचिव ने कार्य की अधिकता और एस.आई.आर. (SIR) कार्यों में व्यस्तता का बहाना बनाया। हालांकि, अपीलीय अधिकारी ने इसे गंभीरता से लेते हुए स्पष्ट किया कि सूचना देना अनिवार्य है। सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों के बीच सहमति बनी कि सचिव 18 मार्च तक निम्नलिखित तीन प्रमुख बिंदुओं पर जानकारी देंगे:
- 01 अप्रैल 2024 से 31 मार्च 2025 तक की प्रमाणित कैश बुक।क
- कार्यों की तीन चरणों वाली जियो टैग तस्वीरें (दिनांक और समय के साथ)।
- मस्टररोल की प्रमाणित छायाप्रति।
भ्रष्टाचार पर नकेल की तैयारी? – आवेदक ने विशेष रूप से उन माप पुस्तिकाओं (MB) और जियो टैग तस्वीरों की मांग की है, जिनके आधार पर सरकारी भुगतान जारी किए गए हैं। इसका मुख्य उद्देश्य यह प्रमाणित करना है कि क्या सरकारी धन का भुगतान वास्तविक कार्य स्थल की स्थिति और श्रमिकों की उपस्थिति के आधार पर हुआ है या केवल कागजों पर ही विकास दिखाया गया है।
सख्त निर्देश : पोर्टल पर भी करना होगा अपलोड – CEO संजय चन्द्रा ने न केवल जानकारी मुफ्त में देने का आदेश दिया है, बल्कि सचिव को यह भी निर्देशित किया है कि जानकारी को आरटीआई पोर्टल पर अनिवार्य रूप से अपलोड किया जाए और उसकी एक प्रति जनपद कार्यालय को भी सौंपी जाए। लापरवाही बरतने पर अगली बार कड़ी कार्रवाई के संकेत दिए गए हैं।




