बिलासपुर में आधी रात को ‘जंगलराज’ : सरकंडा में बदमाशों का खूनी तांडव, महिला को पीटा, आधा दर्जन गाड़ियां तोड़ीं; पुलिस की ढीली कार्रवाई पर उठे सवाल…

विशेष रिपोर्ट। बिलासपुर (सरकंडा) दिनांक: 04 मार्च 2026 –
न्यायधानी बिलासपुर का सरकंडा इलाका बीती रात रणक्षेत्र बन गया। भूकंप अटल आवास के पास बेखौफ बदमाशों ने न केवल एक परिवार की अस्मत और सुरक्षा पर हमला किया, बल्कि कानून-व्यवस्था की धज्जियां उड़ाते हुए जमकर उत्पात मचाया। हाथ में बांस, डंडे और पत्थर लिए आधा दर्जन से अधिक युवकों ने एक गृहणी और एक अधेड़ व्यक्ति को लहूलुहान कर दिया।
पूरी घटना : जब रक्षक ही भक्षक बन गए – घटना 03 मार्च की रात करीब 1:00 बजे की है। टकेश्वर साहू और सेठ्ठी यादव अपने घर के बाहर टेंट के कीमती सामानों की रखवाली कर रहे थे। तभी इलाके के चिन्हित बदमाश जादू, प्रेम और मंथन अपने गुर्गों के साथ वहां पहुंचे और अकारण विवाद शुरू कर दिया।
शोर सुनकर जब घर के भीतर सो रही टकेश्वर की पत्नी बाहर निकली और उसने अपने पति को बचाने की कोशिश की, तो बदमाशों की हैवानियत और बढ़ गई। उन्होंने महिला को घेरकर मां-बहन की ऐसी गंदी गालियां दीं कि सुनने वालों की रूह कांप जाए। विरोध करने पर बदमाशों ने बांस और लात-मुक्कों से महिला पर हमला कर दिया। इस हमले में पीड़िता की उंगलियां और कमर गंभीर रूप से चोटिल हो गई हैं। बीच-बचाव करने आए सेठ्ठी यादव को भी अधमरा कर दिया गया।
लाखों का नुकसान: गाड़ियां बनीं निशाना – बदमाशों का तांडव यहीं नहीं थमा। उन्होंने वहां खड़े छह व्यावसायिक वाहनों को निशाना बनाया। ईंट और पत्थरों की बारिश कर बदमाशों ने निम्नलिखित वाहनों के कांच चकनाचूर कर दिए :
- छोटा हाथी: CG 10 BH 7332
- छोटा हाथी: CG 10 C 1675
- ई-रिक्शा: CG 10 BT 5909
- ई-रिक्शा: CG 10 BL 8386
- ई-रिक्शा: CG 10 BV 2565
- ई-रिक्शा: CG 10 BK 6515
सीसीटीवी में ‘गैंग’ का चेहरा बेनकाब, फिर भी पुलिस की मेहरबानी? – घटना का एक सनसनीखेज सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में साफ दिख रहा है कि आधा दर्जन से ज्यादा युवक एक संगठित गैंग की तरह हमला कर रहे हैं। अफसोस की बात यह है कि जहां वीडियो में अपराधियों की फौज दिख रही है, वहीं सरकंडा पुलिस ने केवल तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
जनता के बड़े सवाल :
- वीडियो में दिख रहे बाकी 3-4 नकाबपोश युवक कौन हैं? पुलिस उन्हें बचाने की कोशिश क्यों कर रही है?
- क्या सरकंडा में अब रात के समय आम आदमी का निकलना या अपने घर के बाहर सामान की रखवाली करना जानलेवा हो गया है?
- एक आरोपी की गिरफ्तारी दिखाकर पुलिस अपनी पीठ थपथपा रही है, लेकिन मुख्य सरगना अब भी बाहर क्यों हैं?
इलाके में दहशत, पुलिस की पेट्रोलिंग पर सवाल – भूकंप अटल आवास के निवासियों में इस घटना के बाद से भारी आक्रोश और डर है। लोगों का कहना है कि पुलिस की पेट्रोलिंग केवल कागजों पर है। अगर पुलिस मुस्तैद होती, तो रात 1 बजे आधा दर्जन गाड़ियों को तोड़ने और मारपीट करने की हिम्मत बदमाशों की नहीं होती।
पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने रिपोर्ट तो लिख ली है, लेकिन न्याय तब तक अधूरा है जब तक सीसीटीवी में दिख रहे हर एक चेहरे को सलाखों के पीछे नहीं भेजा जाता। क्या बिलासपुर पुलिस इन गुंडों पर बुलडोजर जैसी कार्रवाई करेगी या फिर मामला रफा-दफा हो जाएगा?




