रायगढ़
होली महापर्व : आत्मीयता और सद्भाव का संदेश…

रायगढ़। “होली तो स्नेहीजनों एक बहाना है, आशीर्वाद देना लक्ष्य मेरा पुराना है…” इन्हीं प्रेरक पंक्तियों के साथ प्रख्यात व्यक्तित्व श्री नरेश कंकरवाल जी ने समस्त मित्रों और शुभचिंतकों को होली के पावन पर्व की हार्दिक बधाई प्रेषित की है।
अपने संदेश में उन्होंने रिश्तों की प्रगाढ़ता पर बल देते हुए कहा है कि रंग और गुलाल तो मात्र माध्यम हैं, वास्तविक उत्सव तो एक-दूसरे के प्रति प्रेम और सम्मान में निहित है।
- प्रेम का वास : उम्र की सीमाओं से परे, स्नेह का असली स्थान एक-दूसरे का हृदय है।
- आशीर्वाद की परंपरा : पर्व का वास्तविक उद्देश्य अपनों को सुखद भविष्य का आशीर्वाद देना है।
- सद्भाव का संकल्प : कटुता को मिटाकर अपनत्व के भाव को जीवित रखना।
“छोटे रहो या बड़े, टटोल के देख लीजियेगा, तुम्हारे अपने हृदय में ही तो मेरा ठिकाना है।”
नरेश कंकरवाल एवं परिवार की ओर से आप सभी को रंगों के इस महापर्व की अनंत शुभकामनाएँ। यह होली आपके जीवन में सुख, शांति और समृद्धि के नए रंग लेकर आए।
शुभ होली! ✨




