रायगढ़

थाली की आवाज बनी काल : कलयुगी भतीजे ने पीट-पीटकर बड़े पिता को उतारा मौत के घाट…

रायगढ़। मामूली विवाद जब सिरफिरेपन की हदें पार कर जाए, तो परिणाम कितना भयावह हो सकता है, इसकी बानगी रैरूमाखुर्द के डिडवानारा गांव में देखने को मिली। यहाँ एक युवक ने महज़ ‘थाली बजने’ की आवाज से नाराज होकर अपने ही सगे रिश्ते के बुजुर्ग बड़े पिता को इस कदर पीटा कि इलाज के दौरान उनकी जान चली गई।

क्या है पूरा मामला? – ​घटना की शुरुआत 30 नवंबर 2025 को हुई थी। मृतक राजाराम तिग्गा (65 वर्ष), जो कम सुनने की समस्या से जूझ रहे थे, अपने भाई के घर से लौट रहे थे। इसी दौरान आरोपी मुकेन्दर तिग्गा (22 वर्ष) के घर के बाहर थाली बजने के शोर पर आरोपी बिफर गया। उसने बुजुर्ग राजाराम को सड़क पर पटक दिया और लात-घूंसों से तब तक मारा जब तक वे बेहोश नहीं हो गए।

एक महीने तक चला जिंदगी और मौत का संघर्ष – परिजनों ने घायल वृद्ध को बचाने के लिए पत्थलगांव, रायगढ़ और अंबिकापुर के कई अस्पतालों के चक्कर काटे। महीने भर चले लंबे इलाज और भारी खर्च के बाद भी राजाराम की हालत में सुधार नहीं हुआ। अंततः 29 दिसंबर को उन्होंने अपने घर पर दम तोड़ दिया।

पुलिस की त्वरित कार्रवाई : हत्यारा सलाखों के पीछे – मृतक के पुत्र तिरीत तिग्गा की शिकायत पर पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया। पुलिस अधीक्षक दिव्यांग पटेल के निर्देशन में जांच की गई, जिसमें आरोपी मुकेन्दर तिग्गा पर हत्या का दोष सिद्ध पाया गया।

  • अपराध क्रमांक : 1/2026
  • धारा : 103 भारतीय न्याय संहिता (BNS)
  • कार्रवाई : आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

अहम भूमिका : इस कार्रवाई में एसडीओपी सिद्धांत तिवारी के मार्गदर्शन में चौकी प्रभारी बृज किशोर गिरी और उनकी टीम (प्रधान आरक्षक लक्ष्मी नारायण, राम रतनराम, आरक्षक भेकलाल, संतलाल और टीकाराम) ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी को दबोचा।

Ambika Sao

सह-संपादक : छत्तीसगढ़

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