बिग ब्रेकिंग : तमनार में महिला आरक्षक से बर्बरता पर रायगढ़ पुलिस का कड़ा प्रहार : तीन और आरोपी गिरफ्तार,’खाकी’ के अपमान पर प्रशासन सख्त…

रायगढ़ | तमनार क्षेत्र के लिब्रा में धरना-प्रदर्शन की आड़ में महिला पुलिसकर्मी के साथ हुई अमानवीय और शर्मनाक घटना को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस बेहद सख्त हो गई है। महिला आरक्षक पर जानलेवा हमला करने, उनके कपड़े फाड़ने और लूटपाट जैसी घृणित वारदात को अंजाम देने वाले 5 मुख्य आरोपियों को रायगढ़ पुलिस ने गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है।
वर्दी का अपमान करने वाले अब सलाखों के पीछे – पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपियों में आमगांव निवासी प्रेमसिंह राठिया, कीर्ति श्रीवास और ग्राम झरना का वनमाली राठिया शामिल हैं। पहले ही मंगल राठिया व चिनेश खम्हारी को जेल दाखिल किया जा चूका है…घटना में शामिल दो अन्य फरार आरोपियों की पहचान कर ली गई है, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं।
क्या था पूरा मामला? – गारे–पेलमा सेक्टर-1 कोयला खदान के विरोध में 12 दिसंबर से सीएचपी चौक, लिब्रा में ग्रामीणों द्वारा आर्थिक नाकेबंदी की जा रही थी। 27 दिसंबर 2025 को जब प्रशासन मार्ग बहाल कराने पहुँचा, तब भीड़ में शामिल कुछ उपद्रवियों ने उग्र रूप धारण कर लिया।
- अमानवीय कृत्य : उग्र भीड़ ने न केवल पुलिस बल पर हमला किया, बल्कि एक महिला आरक्षक को निशाना बनाते हुए लाठी-डंडों से मारपीट की।
- मर्यादा की सारी हदें पार : उपद्रवियों ने महिला आरक्षक के साथ अभद्रता की, उनके कपड़े फाड़े और आपत्तिजनक टिप्पणियां करते हुए लूटपाट भी की।
सख्त धाराओं में केस दर्ज, आईटी एक्ट भी शामिल – रायगढ़ पुलिस ने इस मामले को अत्यंत संजीदगी से लेते हुए थाना तमनार में अपराध क्रमांक 309/25 दर्ज किया है। आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की गंभीर धाराओं सहित आईटी एक्ट की धारा 67(ए) के तहत कार्रवाई की गई है।
”महिला पुलिसकर्मी के साथ किया गया व्यवहार न केवल अपराध है बल्कि समाज के लिए कलंक है। इस घटना के हर पहलू की सूक्ष्म जांच की जा रही है। प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से शामिल किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।”
रायगढ़ पुलिस प्रशासन
समाज में भारी आक्रोश – एक सुरक्षाकर्मी महिला के साथ सरेआम हुई इस बदसलूकी से जिले भर में आक्रोश व्याप्त है। रायगढ़ पुलिस ने स्पष्ट कर दिया है कि कानून व्यवस्था को हाथ में लेने वाले और महिला शक्ति का अपमान करने वाले तत्वों के विरुद्ध ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई जा रही है।
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