सारंगढ़-बिलाईगढ़: अवैध धान भंडारण पर प्रशासन की सर्जिकल स्ट्राइक, बरमकेला में 304 क्विंटल धान जब्त…

• बिचौलियों और अवैध कारोबारियों में हड़कंप; कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे के निर्देश पर संयुक्त टीम ने तीन ठिकानों पर दी दबिश…
सारंगढ़-बिलाईगढ़ | 28 दिसंबर 2025 छत्तीसगढ़ शासन की मंशानुरूप धान खरीदी के सीजन में बिचौलियों और अवैध धान खपाने वालों के विरुद्ध सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला प्रशासन ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे के सख्त निर्देश के बाद, राजस्व और खाद्य विभाग की संयुक्त टीम ने बरमकेला तहसील में बड़ी कार्रवाई करते हुए 304.80 क्विंटल (762 बोरी) अवैध भंडारित धान जब्त किया है।
गुप्त सूचना पर हुई घेराबंदी : मिली जानकारी के अनुसार, प्रशासन को लंबे समय से बरमकेला क्षेत्र के कुछ ठिकानों पर धान के अवैध संग्रहण की सूचना मिल रही थी। सूचना की तस्दीक होने के बाद कलेक्टर ने तत्काल एक संयुक्त टीम गठित की। इस टीम ने बिना समय गंवाए बरमकेला तहसील के तीन अलग-अलग संदिग्ध ठिकानों पर एक साथ दबिश दी। निरीक्षण के दौरान संबंधित संचालक धान के भंडारण से संबंधित कोई भी वैध दस्तावेज या मंडी अनुज्ञा पत्र पेश नहीं कर सके।
मंडी अधिनियम के तहत बड़ी जब्ती : संयुक्त टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मंडी अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया। छापेमारी में कुल 762 बोरियां बरामद हुईं, जिनका वजन 304.80 क्विंटल मापा गया है। जब्त किए गए धान को मंडी प्रशासन की सुपुर्दगी में दे दिया गया है और आगे की कानूनी कार्यवाही की जा रही है।
कार्रवाई में शामिल टीम : इस हाई-प्रोफाइल छापेमारी को अंजाम देने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों की एक विशेष टीम सक्रिय रही, जिसमें मुख्य रूप से शामिल थे :
- उमेश, डिप्टी कलेक्टर
- गणेश कुर्रे, खाद्य अधिकारी
- मोहन साहू, नायब तहसीलदार (बरमकेला)
- विद्यानन्द पटेल, खाद्य सहायक अधिकारी
- इसके साथ ही मंडी विभाग के निरीक्षक और पुलिस बल भी सुरक्षा के दृष्टिकोण से तैनात रहा।
कलेक्टर का कड़ा संदेश : मामले की पुष्टि करते हुए अधिकारियों ने बताया कि जिले में अवैध धान के परिवहन और भंडारण पर पूरी तरह से रोक लगाने के निर्देश हैं। कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे ने स्पष्ट किया है कि अन्य राज्यों या अवैध स्रोतों से धान लाकर स्थानीय समितियों में खपाने की कोशिश करने वालों पर रासुका और मंडी नियमों के तहत कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।
“जिले के सभी सीमावर्ती क्षेत्रों और संदिग्ध गोदामों पर हमारी नजर है। धान खरीदी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाए रखने के लिए इस तरह की औचक छापेमारी आगे भी जारी रहेगी।” – प्रशासनिक वक्तव्य




