राज्य स्तर पर जशपुर का डंका : ‘नोनी जोहार’ कार्यक्रम में जशपुर के साइबर योद्धाओं ने जीता प्रथम पुरस्कार…

• रायपुर के बेबीलोन होटल में आयोजित राज्य स्तरीय यूनिसेफ कार्यक्रम में जशपुर की टीम ने साइबर सुरक्षा पर अपनी प्रस्तुति से सबको पीछे छोड़ा…
जशपुर/रायपुर। 20 दिसंबर 2025। जशपुर जिले के युवाओं ने एक बार फिर राज्य स्तर पर जिले का मान बढ़ाया है। रायपुर के बेबीलोन होटल में यूनिसेफ (UNICEF) द्वारा आयोजित ‘नोनी जोहार’ राज्य स्तरीय कार्यक्रम में जशपुर की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान हासिल किया है। 15 जिलों के प्रतिभागियों के बीच जशपुर के 11 स्वयंसेवकों ने “साइबर सुरक्षा” जैसे गंभीर विषय पर अपनी रचनात्मकता का लोहा मनवाया।

‘शक्तिमान’ बनकर सिखाया साइबर सुरक्षा का पाठ : जशपुर की टीम ने ‘शक्तिमान बना साइबर का हीरो’ थीम पर एक प्रभावी नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया। इसमें दिखाया गया कि कैसे ‘साइबर योद्धा’ और ‘जय हो’ वॉलंटियर्स की मदद से एक युवा को साइबर जाल से बचाकर उसकी जान बचाई गई। नाटक में स्वयंसेवक धनसिंह ने ‘शक्तिमान’ का रूप धरकर दर्शकों को साइबर अपराधों से बचने के गुर सिखाए, जिसे जूरी और अतिथियों ने खूब सराहा।
दिग्गज हस्तियों की रही मौजूदगी : इस गरिमामयी कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ी फिल्म स्टार अनुज शर्मा, विधायक आकाश सोनी, राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष विश्व विजय सिंह तोमर, मुंबई की अभिनेत्री स्मृति कालरा, लोकगायिका गरिमा दिवाकर और यूनिसेफ के विशेषज्ञों सहित कई विशिष्ट अतिथि शामिल हुए।
एसएसपी शशि मोहन सिंह का मिला विशेष मार्गदर्शन : जशपुर पुलिस की सक्रिय भागीदारी इस जीत की मुख्य कड़ी रही। कार्यक्रम की शुरुआत में एसएसपी शशि मोहन सिंह का वीडियो संदेश प्रसारित किया गया, जिसने टीम का उत्साहवर्धन किया।
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा : “जशपुर पुलिस ‘क्लिक सेफ’ और ‘साइबर योद्धा’ जैसे अभियानों के जरिए डिजिटल सुरक्षा के प्रति लोगों को जागरूक कर रही है। हमारे युवाओं का राज्य स्तर पर प्रथम आना पूरे पुलिस विभाग और जिले के लिए गर्व का विषय है।”
सफलता के सूत्रधार (जशपुर की टीम) :
- जिला समन्वयक : सुश्री शालिनी गुप्ता
- विकासखंड समन्वयक : गुरुदेव प्रसाद एवं पंकज यादव
- स्वयंसेवक : नेहा, रिंटा, सविता, अनुरूप, गोपाल, गुलसन, रितेश राज, आशुतोष, धनसिंह एवं विकास।
जीत के मायने : यह उपलब्धि दर्शाती है कि जशपुर के युवा न केवल जागरूक हैं, बल्कि सामाजिक बदलाव के लिए कला और नवाचार का बेहतरीन उपयोग कर रहे हैं। यूनिसेफ, एग्रीकोन फाउंडेशन और एलायंस फॉर बिहेवियर चेंज के सहयोग से मिली यह जीत जिले में सामुदायिक पुलिसिंग और साइबर जागरूकता को नई ऊर्जा प्रदान करेगी।




