जशपुर: शिकारियों के जाल ने ली दो दोस्तों की जान, 6 दिन बाद डैम से मिले शव…

जशपुर। जिले के तुमला थाना क्षेत्र के सेरमाटोली गांव की है। मृतक दिलीप राम खड़िया (23 वर्ष) और विलियम कुजूर (31 वर्ष) आपस में गहरे दोस्त थे और मजदूरी कर अपना जीवन यापन करते थे।
- 12 दिसंबर : दोनों दोस्त गांव के पास स्थित डांगबंधी के जंगल में चिड़िया मारने (शिकार) के लिए निकले थे।
- लापता होना : जब देर रात तक दोनों घर नहीं लौटे, तो परिजनों ने खोजबीन शुरू की। कोई सुराग न मिलने पर 14 दिसंबर को पुलिस में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई।
पुलिस जांच और संदेह के घेरे में आरोपी : सर्च ऑपरेशन के दौरान पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि डांगबंधी निवासी आयटू लोहार (30 वर्ष) की गतिविधियां कागजपुड़ा डैम के आसपास संदिग्ध हैं। पुलिस ने घेराबंदी कर उसे हिरासत में लिया। शुरुआत में आरोपी पुलिस को गुमराह करता रहा, लेकिन कड़ाई से पूछताछ करने पर उसने पूरे हत्याकांड का राज उगल दिया।

शिकार की साजिश और मौत का खौफनाक मंजर : पूछताछ में आरोपी आयटू ने बताया कि उसने अपने 4 अन्य साथियों के साथ मिलकर डांगबंधी के जंगल से लगे अरहर के खेत में जंगली सूअर के शिकार के लिए बिजली के नंगे तार फैलाए थे।
- हादसा : 12 दिसंबर की रात जब दिलीप और विलियम उस इलाके से गुजरे, तो अंधेरे में उन्हें बिछाया गया करंट नजर नहीं आया और वे उसकी चपेट में आ गए। मौके पर ही दोनों की मौत हो गई।
- साक्ष्य मिटाने की कोशिश : जब शिकारी खेत पहुंचे, तो दो इंसानी लाशें देखकर उनके हाथ-पांव फूल गए। पकड़े जाने के डर से उन्होंने शवों को बोरे में भरा और कागजपुड़ा डैम के पास ‘बेशरम’ की झाड़ियों के नीचे ले जाकर छिपा दिया।
पुलिस की कार्रवाई और धाराओं का विवरण : आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने डैम से दोनों सड़े-गले शव बरामद किए। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट (Short PM Report) ने पुष्टि की है कि दोनों की मृत्यु बिजली के झटके (Electrocution) से हुई है।

पुलिस ने निम्नलिखित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है:
| धारा 105 | गैर-इरादतन हत्या (Culpable homicide not amounting to murder) |
| धारा 238 | साक्ष्य मिटाना या झूठी सूचना देना |
| धारा 3 (5) | सामान्य आशय (Common Intention) – समूह द्वारा किया गया अपराध |
ASP का वक्तव्य और वर्तमान स्थिति : अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) अनिल कुमार सोनी ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि मुख्य आरोपी आयटू लोहार को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। अन्य 4 फरार आरोपियों की पहचान कर ली गई है और पुलिस की अलग-अलग टीमें उनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही हैं।
चेतावनी : जंगलों या खेतों में अवैध रूप से बिजली के तार बिछाना न केवल वन्यजीव अधिनियम के तहत अपराध है, बल्कि यह मानव जीवन के लिए भी अत्यंत घातक है। ऐसी गतिविधियों की सूचना तत्काल नजदीकी पुलिस स्टेशन या बिजली विभाग को दें।
पूर्व में प्रकाशित खबर :




