ACB का बड़ा प्रहार : सूरजपुर में 40 हजार की रिश्वत लेते सहकारिता निरीक्षक गिरफ्तार, संविदा नियुक्ति के नाम पर मांगी थी 1.5 लाख की ‘पर्ची’…

सूरजपुर। भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति को चरितार्थ करते हुए एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) अंबिकापुर की टीम ने बुधवार देर शाम सूरजपुर में एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। टीम ने सहकारिता निरीक्षक अभिषेक सोनी को 40 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों दबोच लिया। यह घूस ‘संविदा लेखपाल’ के पद पर नियुक्ति आदेश जारी करने के बदले मांगी गई थी।
नौकरी की बोली: योग्यता पर भारी पड़ा लालच : भारत सरकार के राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (NCDC) के तहत सूरजपुर जिले के विभिन्न विकासखंडों में बहुउद्देशीय किसान उत्पादक सहकारी समितियों का गठन किया गया है। इन समितियों में लेखापाल के पदों पर संविदा नियुक्ति की प्रक्रिया चल रही थी। प्रतापपुर निवासी शुभम जायसवाल ने इसके लिए आवेदन किया था और अपनी योग्यता के दम पर वे चयन के करीब भी पहुंच गए थे।
लेकिन, चयन सूची जारी करने वाले प्राधिकृत अधिकारी अभिषेक सोनी ने शुभम की योग्यता को दरकिनार कर 1.50 लाख रुपए की मांग रख दी।
धमकी और मोलभाव : “पैसे नहीं तो किसी और को मिलेगी नौकरी” – आरोपी निरीक्षक अभिषेक सोनी भ्रष्टाचार की जिद पर अड़ा था। जब शिकायतकर्ता ने इतनी बड़ी रकम देने में असमर्थता जताई, तो सौदा 1 लाख से होता हुआ 80 हजार रुपए पर तय हुआ। आरोपी ने शुभम को धमकी दी थी कि यदि 17 दिसंबर तक पैसे नहीं मिले, तो उसकी जगह किसी और को नियुक्त कर दिया जाएगा।
ACB का बिछाया जाल और ‘मिडनाइट’ एक्शन : शुभम ने भ्रष्टाचार के आगे झुकने के बजाय ACB सरगुजा की शरण ली। DSP प्रमोद कुमार खेस के नेतृत्व में टीम ने त्वरित जाल बिछाया।
- समय: रात 8:25 बजे।
- स्थान: उपायुक्त सहकारिता कक्ष क्रमांक 01, सूरजपुर।
- एक्शन: जैसे ही शुभम ने रिश्वत की पहली किस्त के रूप में 40 हजार रुपए अभिषेक सोनी को सौंपे और आरोपी ने उसे अपनी जैकेट की जेब में रखा, वैसे ही सादे कपड़ों में तैनात ACB की टीम ने उसे दबोच लिया।
“शिकायतकर्ता का आवेदन मिलते ही हमने जाल बिछाया और आरोपी को रंगे हाथों पकड़ा है। भ्रष्टाचार के खिलाफ ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी।” प्रमोद कुमार खेस, DSP, ACB अंबिकापुर




