रायगढ़ में धान खरीदी में बड़ा ‘खेल’ उजागर: बुनगा केंद्र में वजन से ज्यादा तौल और किस्म बदलने का फर्जीवाड़ा, प्रशासन ने दर्ज किया प्रकरण…

रायगढ़। जिला प्रशासन ने धान खरीदी में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। पुसौर विकासखंड के बुनगा धान उपार्जन केंद्र में किसानों से मानक से अधिक धान तौलने और किस्म बदलकर (मोटा की जगह सरना) खरीदी करने के गंभीर मामले का पर्दाफाश हुआ है। कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के निर्देश पर हुई औचक निरीक्षण और संयुक्त जाँच के बाद इस गड़बड़झाले की पुष्टि हुई है, जिसके बाद दोषियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया गया है।
क्या है पूरा मामला? – कलेक्टर को बुनगा केंद्र में अनियमितताओं की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए तहसीलदार, खाद्य निरीक्षक और अपेक्स बैंक के अधिकारियों की संयुक्त टीम ने केंद्र पर छापा मारा।
- वजन में चोरी : जाँच में पाया गया कि किसानों से प्रति बोरा निर्धारित 40 किलो के बजाय औसतन 40 किलो 915 ग्राम धान लिया जा रहा था। यानी हर बोरे में लगभग 1 किलो धान की अधिक तौल कर किसानों को चूना लगाया जा रहा था।
- स्टॉक में बड़ा अंतर : ऑनलाइन रिकॉर्ड में मोटा धान 1558 क्विंटल दर्ज था, लेकिन मौके पर केवल 1188 क्विंटल मिला। वहीं, सरना धान रिकॉर्ड में 2205 क्विंटल था, लेकिन भौतिक सत्यापन में यह 2580 क्विंटल पाया गया। इससे स्पष्ट हुआ कि दस्तावेजों में ‘मोटा’ धान दिखाकर असल में ‘सरना’ की हेराफेरी की जा रही थी।
- बारदाने में भी खेल : जाँच दल को नए और पुराने बारदानों के स्टॉक में भी भारी अनियमितता मिली है।
जिम्मेदारों पर लटकी तलवार : जाँच के दौरान केंद्र प्रबंधक डिलेश्वर प्रधान, ऑपरेटर अभिलाष गुप्ता और बारदाना प्रभारी श्याम सुंदर साव मौके पर मौजूद थे। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि धान खरीदी नीति 2025-26 के उल्लंघन के चलते इन पर सख्त कार्रवाई होगी।
कलेक्टर का कड़ा संदेश : कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने दो-टूक कहा है कि, “धान खरीदी में किसी भी प्रकार की लापरवाही या भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषियों के विरुद्ध इतनी सख्त कार्रवाई होगी कि यह नजीर बनेगी।”




