ब्रेकिंग न्यूज़ : खाकी वर्दी पर ‘वसूली’ का दाग! दीवार फांदकर घर में घुसे, खुद शराब रखी और फिर बनाया वीडियो… रायगढ़ में आबकारी विभाग की ‘गुंडागर्दी’ का सनसनीखेज आरोप…

(रायगढ़/लैलूंगा): क्या कानून के रक्षक ही अब भक्षक बन गए हैं? रायगढ़ जिले के लैलूंगा में सामने आए एक मामले ने पूरे आबकारी विभाग (Excise Department) को कटघरे में खड़ा कर दिया है। एक आम व्यापारी को झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर 90,000 रुपये वसूलने का गंभीर आरोप महिला आबकारी उपनिरीक्षक और उनकी टीम पर लगा है।
क्या है पूरा मामला? (फिल्मी स्टाइल में रची गई साजिश!) – पीड़ित सोमेश कुमार बेहरा (निवासी राजपुर) द्वारा पुलिस अधीक्षक (SP) को दी गई शिकायत के अनुसार, घटना 25 नवंबर 2025 की है। सोमेश अपनी दुकान पर बैठे थे, तभी आबकारी आरक्षक वहां पहुंचा और कहा- “साहब बुला रहे हैं, तुम्हारे घर में शराब है।”

सोमेश जब घर पहुंचे, तो वहां का नजारा देख उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। उनकी पत्नी ने रोते हुए बताया कि आबकारी विभाग के कर्मी दरवाजा फांदकर घर में घुसे थे। आरोप है कि उन्होंने खुद ही सोमेश के कमरे में शराब की बोतल रखी और फिर सोमेश को वहां खड़ा कर वीडियो बनाने लगे।
“पैसा दो वरना जेल में सड़ा देंगे” : शिकायत में सीधा आरोप लगाया गया है कि आबकारी उपनिरीक्षक रागिनी पटेल, आरक्षक नेताम और यादवराम सागर ने पीड़ित को धमकाया। उन्होंने कहा कि अगर जेल जाने से बचना है तो पैसे देने होंगे। डरे-सहमे सोमेश से मौके पर ही 90,000 रुपये की अवैध वसूली की गई। इतना ही नहीं, जब सोमेश ने अपने भाई को फोन करने की कोशिश की, तो उसे भी रोक दिया गया।
पीड़ित ने नहीं मानी हार, एसपी की चौखट पर न्याय की गुहार – डर के साये से बाहर निकलकर सोमेश ने सिस्टम से लड़ने की ठानी। उन्होंने 28 नवंबर 2025 को स्पीड पोस्ट के जरिए जिला आबकारी अधिकारी और एसपी रायगढ़ को लिखित शिकायत भेजी। (जिसकी रसीद साक्ष्य के रूप में मौजूद है)।
विभाग में हड़कंप: जांच के आदेश जारी – इस शिकायत के बाद आबकारी विभाग में खलबली मच गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए अब जांच शुरू हो गई है। आबकारी उप निरीक्षक (रायगढ़ उत्तर/दक्षिण) ने एक नोटिस (क्रमांक 2025/क्यू 1) जारी कर सोमेश कुमार को 15 दिसंबर 2025 (कल) सुबह 10:30 बजे साक्ष्य के साथ कार्यालय में तलब किया है।
सुलगते सवाल :
- क्या रक्षक के वेश में लुटेरे घूम रहे हैं?
- क्या एक व्यापारी के घर में दीवार फांदकर घुसना कानूनन सही है?
- क्या 15 तारीख को होने वाली जांच में पीड़ित को न्याय मिलेगा या विभाग अपने अधिकारियों को बचा लेगा?
रिपोर्टर की कलम से: यह मामला सिर्फ 90 हजार की वसूली का नहीं, बल्कि वर्दी के रौब और आम आदमी के विश्वास का है। अगर आरोप सच साबित होते हैं, तो यह रायगढ़ प्रशासन के माथे पर एक बदनुमा दाग होगा।




