बालोद

चलता ही रहेगा? “अघोषित बॉर” : क्या पुलिस की मोहब्बत में खुलेआम बिक रही अवैध शराब?

फिरोज अहमद खान (पत्रकार)
बालोद। राजहरा शहर में अवैध शराब कारोबार ने कानून व्यवस्था को बुरी तरह झकझोर रखा है, लेकिन इस संबंध में समाचार प्रकाशित होने के बावजूद भी राजहरा पुलिस इस गंभीर समस्या के प्रति गंभीर दिख नहीं रही है। बालोद जिले के दल्ली राजहरा बस स्टैण्ड के पास संचालित जीवन होटल में देशी-विदेशी ब्रांड की अवैध शराब खुलेआम बिक रही है और परोसी जा रही है। इस संबंध में दिनांक 25 सितंबर 2025 को समाचार प्रकाशन के बावजूद राजहरा पुलिस द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की गई। वही दो दिन बाद अघोषित बॉर पहले की तरह ही चलने लगा। मानो जैसे कुछ हुआ ही नहीं। इससे स्पष्ट संदेश जाता है कि अपराधी प्रवृत्ति के लोग पुलिस को अपने जूते की नोक पर रखते है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक इस अघोषित बॉर पर थानेदार तो क्या सीएसपी, एसपी, यहां तक कि पुलिस आईजी भी नकेल नहीं कस सकते।

जो भी हो हम तो इस अपमानजनक अव्यवस्था पर लगातार खबर प्रकाशित करते रहेंगे। चाहे कोई अधिकारी इन अवैध कारोबारियों के तलवे ही चाटते रहे। आपको बता दें कि दल्ली सरकार शहर के प्रमुख स्थल नया बस स्टैण्ड के अंदर बस यात्रियों के लिए नाश्ते व भोजन की सुविधा देने के नाम पर संचालित होटल “जीवन यादव होटल” में छत्तीसगढ़ आबकारी विभाग और छत्तीसगढ़ पुलिस विभाग की नाक के नीचे ही खुलेआम अवैध बॉर संचालित किया जा रहा है। जिसका बाकायदा स्टिंग ऑपरेशन कर समाचार के माध्यम से वीडियो जारी किया गया था जिसमें होटल के संचालक जीवन यादव द्वारा अपने होटल में खुलेआम अवैध शराब की बिक्री करते दिखाई दे रहे हैं।

पुलिस विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों की आंखों में शायद कोई कचरा घुस गया होगा जिस कारण अघोषित बॉर वाला समाचार और वीडियो वे देख नहीं पाए होंगे। आपको बता दें कि राजहरा बस स्टैण्ड में चल रहे इस अवैध शराब बॉर को लेकर स्थानीय लोगों में गहरा रोष है, क्योंकि न तो कोई प्रभावी कार्यवाही होती है और न ही पुलिस ने इस पर कठोर रवैया अपनाया है वही ऐसे अवैध शराब कारोबारी को समझाईश देकर छोड़ दिया जाता है। जिसके बाद वे और अधिक दादागिरी से अपने अवैध कारोबार को अंजाम देते हैं।

हमारे द्वारा प्रकाशित समाचार जिसका शीर्षक “यहां मचा रहा अवैध शराब का तांडव, कानून व्यवस्था पर खड़े हुए सवाल” पर राजहरा पुलिस द्वारा महज खानापूर्ति कर सालों से चल रहे अवैध शराबखाने के मालिक जीवन यादव को समझाईश देकर छोड़ दिया गया। शहर की जनता पुलिस की इस कारस्तानी से खासा नाराज है। उनका कहना है कि शहर में प्रमुख हृदय स्थल नया बस स्टैण्ड में चल रहे “अघोषित बॉर” पर कोई कार्यवाही नहीं हुई जबकि खबर नवीसो (पत्रकार) द्वारा खुलेआम चल रहे अघोषित बॉर की स्टिंग ऑपरेशन कर वीडियो रिकॉर्ड भी मौजूद है।

आपको बता दें कि बालोद जिले के दल्ली राजहरा बस स्टैण्ड में खुलेआम बिक रही अवैध शराब। दल्ली राजहरा बस स्टैण्ड स्थित जीवन होटल में देशी विदेशी ब्रांड की अवैध शराब खुलेआम बेची तथा परोसी जा रही है। लेकिन सनसनीखेज खबर छपने के बावजूद भी पुलिस अधिकारियों के कान पर जूं तक नहीं रेंग पाई। इससे समझ आता है कि राजहरा पुलिस द्वारा बड़े स्तर पर अवैध कारोबार करने वाले लोगों को खुली छूट दे रखी गई है वही अपनी रोजी रोटी चलाने वाले और जीवन यापन कर अपने परिवार को पालने वाले छुटपुट अवैध शराब कारोबारी और शराब कोचिया को झट से गिरफ्तार कर जेल दाखिल कर दिया जाता है। वही पुलिस विभाग द्वारा तपाक से प्रेस विज्ञप्ति जारी कर अपनी खुद की शान बघारते हुए बताया जाता है कि प्रदेश की कर्तव्यनिष्ठ पुलिस द्वारा कितना बड़ा व प्रबल पराक्रम कर छोटे अवैध शराब विक्रेताओं को जेल दाखिल करवाया गया।

“सबसे शर्मनाक बात तो यह है कि राजहरा पुलिस की मोहब्बत वाली समझाईश के बावजूद जीवन होटल के संचालक जीवन यादव को कोई खासा फर्क नहीं पड़ा।”

शहर में चर्चा आम है कि अवैध शराब के इस कारोबार के पीछे जीवन यादव नामक संचालक का पुलिस विभाग के उच्च अधिकारियों तक गहरा नाता है। इसी वजह से उसे पुलिस द्वारा समझाईश मात्र ही दी जाती है। रोजाना अखबारों और न्यूज पोर्टल में पुलिस द्वारा जारी समाचार देखने को मिलते है जिसमें छोटे अवैध शराब कारोबारीयों को सख्ती से जेल दाखिल करवाया देखा जा सकता है, जबकि बड़े संरक्षित अवैध शराब कारोबारियों पर कार्यवाही टाल दी जाती है। इससे शहर की जनता में पुलिस पर भारी नाराजगी पनप रही है।

राजहरा पुलिस की ओर से केवल खानापूर्ति के स्तर पर ही मामला निपटा दिया जाता है। कई बार जीवन यादव को समझाइश देकर छोड़ दिया गया, जबकि क्षेत्र में अवैध शराब की बिक्री का सीधा प्रमाण मौजूद है, जिसमें खबर नवीसो (पत्रकार) द्वारा किए गए स्टिंग ऑपरेशन के वीडियो भी शामिल हैं। इसके बाद भी पुलिस ने कोई ठोस कदम उठाने से इनकार कर दिया। इस रवैये से स्पष्ट होता है कि राजहरा पुलिस कानून व्यवस्था बनाए रखने में नाकाम रही है और सत्ता संरक्षण और छुटभैय्ये नेताओं की चपेट में आ चुकी है।

इस पूरे मामले पर पुलिस विभाग के उच्चाधिकारी भी गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं। राजहरा में चल रहे अवैध शराब कारोबार के खिलाफ खबरें और साक्ष्य सार्वजनिक होने के बावजूद कोई सख्त कदम नहीं उठाना प्रशासन की सुस्ती को दर्शाता है। लोग पूछ रहे हैं कि आखिर कब तक पुलिस प्रशासन अपनी जिम्मेदारी से बचता रहेगा और जनता के स्वास्थ्य तथा सामाजिक ताने-बाने को बिगाड़ने वाले इन अवैध शराब कारोबारियों को खुली छूट देता रहेगा। 

पूर्व में प्रकाशित समाचार – 

राजहरा में अवैध शराब का तांडव : पुलिस और आबकारी विभाग के संरक्षण और प्रशासन की सुस्ती पर उठे सवाल
https://rm24.in/38914

Feroz Ahmed Khan

संभाग प्रभारी : दुर्ग

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!