क्या सुरक्षा मानकों का पालन हो रहा है? बंद स्कूल मैदान में सज रही अस्थायी पटाखा दुकानें

फिरोज अहमद खान (पत्रकार)
बालोद (विशेष रिपोर्ट)। दीपावली एवं आगामी त्योहारों के मद्देनजर बालोद जिले की लौह नगरी दल्ली राजहरा में पटाखा दुकानों के संचालन को लेकर प्रशासन ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी सुरक्षा दृष्टिकोन और जनसुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए प्रशासन द्वारा शहर के बीएसपी स्कूल क्रमांक 02 के खेल मैदान को अस्थायी पटाखा बाजार के लिए चिह्नित किया गया है।

भारतीय विस्फोटक अधिनियम, 1884 एवं विस्फोटक नियम, 2008 के तहत घनी आबादी और रहवासी इलाकों के भीतर पटाखों का विक्रय एवं भंडारण पूरी तरह प्रतिबंधित है। इसी कड़ी में दल्ली राजहरा शहर के तंग बाजारों और आवासीय क्षेत्रों को किसी भी अप्रिय हादसे से बचाने के लिए प्रशासन द्वारा खुले मैदान में ही अस्थायी दुकानों को अनुमति देने का निर्णय लिया गया है। वही सोचने वाली बात यह है कि अस्थायी पटाखा बाजार के लिए स्थान तो तय कर दिया गया है। लेकिन पटाखो को गोदाम से पटाखा दुकानों तक तो लाया जाएगा। अब सवाल यह है कि पटाखो का गोदाम कहां है यह किसी को नहीं मालूम?

रहवासी इलाके से सुरक्षित दूरी और स्टॉलों का मापदंड
विस्फोटक नियमों के वैधानिक प्रावधानों के अनुसार, अस्थायी पटाखा बाजार का संचालन किसी भी स्थायी आवासीय भवन, स्कूल भवन, अस्पताल या मुख्य सार्वजनिक मार्ग से कम से कम 50 मीटर की सुरक्षित दूरी पर होना अनिवार्य है। वही पटाखा गोदामों से दूरी क्षमता के आधार पर 100 मीटर से 250 मीटर तक की सुरक्षा दूरी लागू होती है।
इसी नियम के तहत बीएसपी स्कूल क्रमांक 02 के मैदान में दुकानों का खाका तैयार किया जा रहा है ताकि मुख्य भवन और आसपास के रहवासी क्षेत्र सुरक्षित दूरी पर रहें। आपको बता दें कि बीएसपी स्कूल क्रमांक 02 के तीनो दिशाओं में रहवासी इलाका है वही एक दिशा में सड़क है।
इसके अलावा, मैदान के अंदर लगने वाले दो पटाखा स्टॉलों या दुकानों के बीच न्यूनतम 3 मीटर (लगभग 10 फीट) का फासला रखना अनिवार्य किया गया है। यह 3 मीटर की दूरी इसलिए आवश्यक है ताकि यदि किसी एक स्टॉल में दुर्भाग्यवश कोई आपात स्थिति या आगजनी उत्पन्न होती है, तो आग तुरंत पास की दूसरी दुकान में न फैले।

नियमों में 3 मीटर की दूरी अनिवार्य, मौके पर सटकर खड़ी हैं दुकानें
विस्फोटक नियम, 2008 के तहत किसी भी अस्थायी पटाखा बाजार में दो दुकानों या स्टॉलों के बीच कम से कम 3 मीटर (लगभग 10 फीट) की सुरक्षित दूरी रखना अनिवार्य है। यह नियम इसलिए बनाया गया है ताकि यदि किसी एक दुकान में दुर्भाग्यवश आगजनी या चिंगारी उठती है, तो आग तुरंत पास की दूसरी दुकान तक न फैले और आग पर आसानी से काबू पाया जा सके।
लेकिन दल्ली राजहरा के बीएसपी स्कूल मैदान में जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट है। यहाँ पटाखा स्टॉलों के बीच यह 3 मीटर की दूरी न के बराबर रखी गई है और दुकानें लगभग एक-दूसरे से सटाकर बनाई जा रही हैं।
घनी आबादी को खतरे से बचाने के लिए पटाखा बाजार को शहर के तंग इलाकों से हटाकर बीएसपी स्कूल मैदान में स्थानांतरित तो कर दिया गया, लेकिन मैदान के भीतर नियमों का पालन न होने से सुरक्षा का मूल उद्देश्य ही निष्प्रभावी साबित हो रहा है। यदि किसी एक स्टॉल में आग लगती है, तो दुकानें सटी होने के कारण आग चंद सेकंडों में पूरे पटाखा बाजार को अपनी चपेट में ले सकती है।

आग पर काबू पाने के प्रभावी उपाय एवं आवश्यक उपकरण
प्रशासन एवं अग्निशमन विभाग (Fire Department) द्वारा पटाखा व्यवसायियों के लिए सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करना अनिवार्य किया गया है। नियमसम्मत निर्देशों के तहत –
- अग्निशामक यंत्र (Fire Extinguisher) : प्रत्येक अस्थायी दुकान में कम से कम दो 5 किलोग्राम क्षमता वाले डीसीपी (Dry Chemical Powder) प्रकार के चालू स्थिति वाले अग्निशामक यंत्र रखने होंगे।
- रेत और पानी की पर्याप्त व्यवस्था : प्रत्येक दुकान के बाहर अनिवार्य रूप से पानी से भरी बाल्टियाँ (न्यूनतम 100 लीटर) तथा सूखी रेत से भरी बाल्टियाँ/बोरियाँ रखनी होंगी, ताकि किसी भी मामूली चिंगारी को शुरुआती दौर में ही बुझाया जा सके।
- विद्युत सुरक्षा : दुकानों में किसी भी प्रकार की अनधिकृत वायरिंग, खुले तार या हैंगिंग लाइट का उपयोग वर्जित रहेगा। सभी बिजली कनेक्शन शेडेड कवर और सुरक्षित इंसुलेशन के साथ होंगे।
- धूम्रपान व आतिशबाजी पर पूर्ण प्रतिबंध : पटाखा बाजार परिसर के 50 मीटर के दायरे में बीड़ी, सिगरेट, माचिस, दीया या किसी भी प्रकार से पटाखे फोड़ने (आतिशबाजी करने) पर सख्त पाबंदी रहेगी।

निगरानी, अनुविभागीय प्रशासन और वैधानिक कार्रवाई
दल्ली राजहरा में पटाखा व्यवसाय पर नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी का मुख्य जिम्मा जिला प्रशासन के तहत अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व/एसडीएम), स्थानीय पुलिस विभाग (थाना राजहरा) और मुख्य अग्निशमन अधिकारी (सीएफओ) का रहेगा। अनुविभागीय प्रशासन और पुलिस बल की संयुक्त टीम द्वारा समय-समय पर मैदान का भौतिक निरीक्षण किया जाएगा।
यदि कोई व्यवसायी स्वीकृत क्षमता से अधिक पटाखों का भंडारण करता है, सुरक्षा मानकों में लापरवाही बरतता है या बिना वैध एनओसी व लाइसेंस के दुकान संचालित करता पाया जाता है, तो उसके खिलाफ विस्फोटक अधिनियम की प्रासंगिक धाराओं के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और दुकान का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया जाएगा।




