एक्सक्लूसिव ग्राउंड रिपोर्ट : संजय बघेल की मौत पर रायगढ़ पुलिस का पलटवार, CCTV फुटेज से सामने आया ‘थाने का सच’!…

रायगढ़, 16 जून 2026: कोतरारोड थाने में आबकारी एक्ट के तहत गिरफ्तार संजय बघेल (32 वर्ष) की 13 जून को हुई संदिग्ध मौत के मामले में नया और बड़ा मोड़ आ गया है। मृतक के परिजनों द्वारा पुलिस पर मारपीट और घूसखोरी के गंभीर आरोप लगाए जाने के बाद, रायगढ़ पुलिस बैकफुट पर जाने के बजाय सीधे डिजिटल साक्ष्यों के साथ सामने आई है।
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर 10 जून के CCTV फुटेज और पोस्टमार्टम रिपोर्ट जारी करते हुए उन सभी दावों को सिरे से खारिज कर दिया है, जिनमें थाने के भीतर बर्बरता की बात कही जा रही थी।
CCTV ने खोले राज : थाने में क्या हुआ था संजय के साथ? – पुलिस द्वारा जारी फुटेज पूरे घटनाक्रम की एक अलग ही तस्वीर पेश कर रहे हैं। फुटेज के अनुसार:
- मानवीय व्यवहार : दोपहर 14:21 बजे संजय बघेल बंदीगृह के बाहर आराम से बैठा नजर आ रहा है। फुटेज में साफ दिख रहा है कि मांगने पर पुलिसकर्मियों ने उसे पानी दिया और अन्य बंदियों की तरह भोजन भी कराया।
- परिजनों से मुलाकात : गिरफ्तारी की सूचना के बाद संजय का भाई अजय और रिश्तेदार राकेश थाने पहुंचे। फुटेज में संजय अपने परिजनों से बरामदे में सामान्य रूप से बातचीत करता दिख रहा है।
- मेडिकल में ‘फिट’ : शाम 16:35 बजे जब उसे मेडिकल और कोर्ट रिमांड के लिए ले जाया गया, तो उसने डॉक्टर से किसी भी चोट या तकलीफ की शिकायत नहीं की। मेडिकल रिपोर्ट में उसे पूरी तरह ‘फिट’ घोषित किया गया था।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट का बड़ा खुलासा : चोट नहीं है मौत का कारण – इस मामले में सबसे अहम कड़ी संजय बघेल की पोस्टमार्टम (PM) रिपोर्ट है। पुलिस के मुताबिक, PM रिपोर्ट में स्पष्ट कहा गया है कि मृतक के शरीर पर मौजूद चोटें उसकी मृत्यु का कारण नहीं हैं। मौत की असली वजह जानने के लिए अब हिस्टोपैथोलॉजिकल जांच और विसरा रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
घूसखोरी के आरोपों पर एक्शन : दो पुलिसकर्मी ‘लाइन अटैच’ – भले ही पुलिस ने मारपीट के आरोपों को CCTV से खारिज कर दिया हो, लेकिन परिजनों द्वारा शराब मामले में ‘पैसे मांगने’ की शिकायत को एसएसपी ने बेहद गंभीरता से लिया है।
- बड़ा एक्शन : मामले के जांचकर्ता प्रधान आरक्षक श्यामदेव साहू और आरक्षक शंभू चौहान को तत्काल प्रभाव से लाइन अटैच कर दिया गया है।
- विभागीय जांच : इस पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच डीएसपी (मुख्यालय) को सौंप दी गई है।
⏱️ 10 जून: गिरफ्तारी से जेल तक का पूरा ‘टाइमलाइन’
- सुबह 11:00 बजे : मुखबिर की सूचना पर पुलिस अरसीपाली चौक पहुंची।
- दोपहर 12:43 बजे : 30 लीटर कच्ची महुआ शराब के साथ संजय बघेल को हिरासत में लेकर कोतरारोड थाना लाया गया।
- दोपहर 14:15 बजे : कागजी कार्रवाई पूरी कर संजय की विधिवत गिरफ्तारी दर्ज की गई और परिजनों को बुलाया गया।
- दोपहर 14:21 बजे : CCTV में संजय पानी पीता और आराम करता दिखा। परिजनों से उसकी मुलाकात कराई गई।
- शाम 16:35 बजे : संजय को थाने से मेडिकल और कोर्ट रिमांड के लिए निकाला गया।
- शाम 18:30 बजे : कोर्ट के आदेश पर संजय को जेल दाखिल कराया गया। इस दौरान उसका रिश्तेदार राकेश भी वहां मौजूद था, जिसने उसे जल्द जमानत कराने का दिलासा दिया।
आगे क्या? – फिलहाल इस संवेदनशील मामले की न्यायिक जांच (JMFC) जारी है। पुलिस का कहना है कि वे जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। CCTV फुटेज सामने आने के बाद अब गेंद जांच एजेंसियों के पाले में है—देखना यह है कि विसरा रिपोर्ट और न्यायिक जांच में मौत का असली सच क्या निकलकर आता है!




