बिलासपुर गोलीकांड : आधी रात पुलिस का ‘मेगा रेड’, कांग्रेस नेता के घर डॉग स्क्वायड के साथ धावा, परिजनों पर FIR…

बिलासपुर। मस्तूरी गोलीकांड के मुख्य साजिशकर्ताओं को पाताल से भी ढूँढ निकालने के लिए बिलासपुर पुलिस ने अब अपनी कार्रवाई को आक्रामक मोड़ दे दिया है। बुधवार की दरम्यानी रात करीब 1 बजे, तोरवा के लालखदान-महमंद इलाका छावनी में तब्दील हो गया, जब भारी संख्या में हथियारबंद जवानों और डॉग स्क्वायड की टीम ने फरार इनामी आरोपी व कांग्रेस नेता नागेंद्र राय के घर पर धावा बोल दिया।
आधी रात का ‘सर्च ऑपरेशन’ : ढाई घंटे तक कोहराम – पुलिस को पुख्ता इनपुट मिला था कि 5 हजार का इनामी नागेंद्र राय अपने घर में छिपा हो सकता है। पुलिस ने बिना वक्त गंवाए आधी रात को घर को चारों तरफ से घेर लिया।
- डॉग स्क्वायड का पहरा : तलाशी के दौरान डॉग स्क्वायड की मदद ली गई ताकि आरोपी के छिपने के गुप्त ठिकानों का पता लगाया जा सके।
- हर कोना खंगाला : टीम ने करीब ढाई घंटे तक घर के एक-एक कमरे, अलमारी और छत की तलाशी ली।
- हाथ खाली : तमाम कोशिशों के बावजूद नागेंद्र राय पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ा। आशंका है कि वह राज्य की सीमा लांघ चुका है।
पुलिस से भिड़े परिजन; दर्ज हुआ ‘शासकीय कार्य में बाधा’ का केस – छापेमारी के दौरान नागेंद्र राय के बेटे और भतीजे समेत अन्य परिजनों ने पुलिस का रास्ता रोकने की कोशिश की। परिजनों ने आधी रात की कार्रवाई पर आपत्ति जताते हुए अधिकारियों से तीखी बहसबाजी की। इस हाई-वोल्टेज ड्रामे के बाद पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए परिजनों के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा डालने का मामला दर्ज कर लिया है।
क्या था मस्तूरी गोलीकांड? (बैकग्राउंड) – यह पूरी खूनी रंजिश 29 अक्टूबर को शुरू हुई थी, जब मस्तूरी बस स्टैंड पर जनपद उपाध्यक्ष नीतेश सिंह के ऑफिस में नकाबपोशों ने अंधाधुंध फायरिंग की थी।
- जवाबी फायरिंग: नीतेश सिंह ने भी अपनी लाइसेंसी पिस्टल से गोली चलाई, जिससे हमलावर भाग खड़े हुए।
- वर्चस्व की जंग: जांच में खुलासा हुआ कि यह हमला आपसी रंजिश और इलाके में वर्चस्व कायम करने के लिए किया गया था।
- कांग्रेस नेताओं का नाम: इस साजिश के तार सीधे तौर पर कांग्रेस नेताओं से जुड़े पाए गए।
अब तक की कार्रवाई : 11 गिरफ्तार, 2 इनामी फरार – एसएसपी रजनेश सिंह के नेतृत्व में पुलिस अब तक अकबर खान, विश्वजीत अनंत समेत 11 आरोपियों को जेल की सलाखों के पीछे भेज चुकी है।
फरार इनामी : मुख्य साजिशकर्ता नागेंद्र राय और तारकेश्वर पाटले अब भी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। दोनों पर 5-5 हजार रुपए का इनाम घोषित है।
पुलिस का संदेश साफ है : जब तक मुख्य आरोपी पकड़े नहीं जाते, दबिश का यह सिलसिला और तेज होगा। पुलिस की टीमें अब जिले के बाहर भी जाल बिछा रही हैं।




