क्रिकेट के नाम पर ‘क्लीन बोल्ड’ : विदेश में खिलाने का झांसा देकर 15 लाख की ठगी, अंबिकापुर का जालसाज गिरफ्तार…

अंबिकापुर। सरगुजा पुलिस ने क्रिकेट की दुनिया में करियर बनाने का सपना देखने वाले युवाओं को ठगने वाले एक शातिर जालसाज को सलाखों के पीछे भेज दिया है। आरोपी ने खुद को क्रिकेट संघ का कर्ताधर्ता बताकर उत्तर प्रदेश के एक खिलाड़ी से 15.38 लाख रुपये की बड़ी ठगी की थी। पुलिस ने फर्जी दस्तावेजों के साथ आरोपी मृगांक सिन्हा को गिरफ्तार कर लिया है।
जाल बिछाया नेपाल में, शिकार बनाया यूपी के खिलाड़ी को : मामले का खुलासा तब हुआ जब उत्तर प्रदेश के हरदोई निवासी अजय कुमार वर्मा ने अंबिकापुर कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई। प्रार्थी खुद एक क्रिकेट खिलाड़ी है, जिसकी मुलाकात साल 2021 में नेपाल के एक टूर्नामेंट के दौरान अंबिकापुर निवासी मृगांक कुमार सिन्हा से हुई थी। मृगांक ने खुद को रसूखदार क्रिकेट संघ का पदाधिकारी बताकर अजय को देश-विदेश के बड़े टूर्नामेंट्स में खिलाने का झांसा दिया और उसका नंबर ले लिया।
किस्तों में वसूली और फर्जी दस्तावेजों का मायाजाल : नेपाल से लौटने के बाद आरोपी ने ठगी का खेल शुरू किया। पहले रजिस्ट्रेशन के नाम पर मामूली रकम ली, फिर पासपोर्ट, टीम सिलेक्शन और विदेशी दौरों का फर्जी लेटर पैड दिखाकर अजय का भरोसा जीत लिया। आरोपी इतना शातिर था कि उसने ‘छ.ग. यूथ यूनाइटेड क्रिकेट संघ’ के नाम से फर्जी सूची तैयार की। धीरे-धीरे पेटीएम और गूगल पे के माध्यम से आरोपी ने प्रार्थी से 15 लाख 38 हजार रुपये डकार लिए।
खेल विभाग की रिपोर्ट ने खोली पोल : विवेचना के दौरान जब पुलिस ने खेल एवं युवा कल्याण विभाग, रायपुर से उक्त क्रिकेट संस्था के बारे में जानकारी मांगी, तो पता चला कि ऐसी किसी संस्था को मान्यता ही नहीं मिली है। आरोपी द्वारा दिए गए सभी दस्तावेज कूटरचित और फर्जी पाए गए।
“आरोपी लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा था, लेकिन साइबर सेल और कोतवाली पुलिस की मुस्तैदी से वह पकड़ा गया। उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया है।”
पुलिस टीम, सरगुजा
पुलिस की कार्रवाई और टीम : पुलिस ने आरोपी मृगांक सिन्हा (40 वर्ष), निवासी त्रिकोण चौक अंबिकापुर को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया है। इस पूरी कार्रवाई में:
- निरीक्षक शशिकान्त सिन्हा (थाना प्रभारी कोतवाली)
- अजीत मिश्रा (साइबर सेल प्रभारी)
- विवेक पाण्डेय, भोजराज पासवान, विकास सिन्हा एवं टीम की अहम भूमिका रही।
सावधान रहें : किसी भी खेल संघ में पैसा देने से पहले उसकी आधिकारिक मान्यता की जांच खेल विभाग की वेबसाइट पर जरूर करें।




