रायगढ़ : छाल रेंज में हाथियों का खूनी तांडव, लकड़ी बीनने गए 80 वर्षीय बुजुर्ग को पटक-पटक कर मारा…

रायगढ़। जिले के छाल वन परिक्षेत्र में हाथियों और इंसानों के बीच चल रहे संघर्ष ने एक और मासूम ग्रामीण की बलि ले ली है। रविवार को बनहर बीट के चुहकीमार जंगल में एक दंतैल हाथी ने 80 वर्षीय बुजुर्ग पर हमला कर उन्हें मौत के घाट उतार दिया। घटना के बाद से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है।

घटनाक्रम : शाम तक नहीं लौटा ‘गंगाराम’ – मृतक की पहचान चुहकीमार गांव निवासी गंगाराम सारथी (80 वर्ष) के रूप में हुई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार:
- सुबह 10:00 बजे : गंगाराम हमेशा की तरह जलाऊ लकड़ी बीनने के लिए पास के जंगल में निकले थे।
- शाम का वक्त : जब सूरज ढलने के बाद भी वे घर नहीं लौटे, तो परिजनों की चिंता बढ़ी और उनकी तलाश शुरू की गई।
- खौफनाक मंजर : ग्रामीणों के माध्यम से सूचना मिली कि जंगल के भीतर हाथी ने गंगाराम को घेर लिया था और हमले में उनकी जान चली गई है।
इलाके में 12 हाथियों का डेरा – वन विभाग के सूत्रों के मुताबिक, वर्तमान में इस क्षेत्र में 12 हाथियों का एक बड़ा दल सक्रिय है। घने जंगल और शाम का वक्त होने के कारण बुजुर्ग को संभलने का मौका नहीं मिला। हाथियों की मौजूदगी के कारण ग्रामीणों में भारी आक्रोश और डर व्याप्त है।
प्रशासनिक मुस्तैदी और कार्रवाई – घटना की पुष्टि करते हुए छाल रेंजर राजेश चौहान ने बताया:
”हमें घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम और ‘हाथी मित्र दल’ को मौके पर रवाना कर दिया गया है। हाथियों की मौजूदगी के कारण सावधानी बरती जा रही है। शव का पंचनामा कर आगे की वैधानिक कार्रवाई और मुआवजे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।”
महत्वपूर्ण बिंदु: क्यों बढ़ रहे हैं हमले? –
- जंगल में दस्तक : जलाऊ लकड़ी और वनोपज के लिए ग्रामीणों का जंगल पर निर्भर होना।
- हाथियों का मूवमेंट : 12 हाथियों का दल लगातार बनहर बीट में विचरण कर रहा है।
- सुरक्षा अलर्ट : वन विभाग ने ग्रामीणों को अकेले जंगल न जाने की सख्त हिदायत दी है।
सावधान: यदि आप भी हाथी प्रभावित क्षेत्रों में रहते हैं, तो शाम के समय या अकेले जंगलों की ओर रुख न करें। किसी भी हाथी के दिखने पर तुरंत वन विभाग को सूचित करें।




