सरगुजा पुलिस की बड़ी स्ट्राइक: धर्मान्तरण के खेल का भंडाफोड़, ओमेगा टोप्पो सलाखों के पीछे!…

अम्बिकापुर। सरगुजा पुलिस ने धर्मान्तरण जैसे संवेदनशील मामलों में अपनी “जीरो टॉलरेंस” नीति को स्पष्ट कर दिया है। गांधीनगर थाना क्षेत्र में हिंदू धर्म पर आपत्तिजनक टिप्पणी कर लोगों को गुमराह करने और धर्म परिवर्तन के लिए उकसाने वाली महिला आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
क्या है पूरा मामला? – शिकायतकर्ता रोशन तिवारी (मठपारा) ने पुलिस को सूचना दी कि बीते 25 जनवरी को नमनाकला निवासी ओमेगा टोप्पो अपने घर पर भारी भीड़ जमा कर धर्मान्तरण की पाठशाला चला रही थी। आरोप है कि इस दौरान हिंदू धर्म के विरुद्ध अभद्र और आपत्तिजनक टिप्पणियां की जा रही थीं और लोगों को ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रलोभन व दबाव दिया जा रहा था।
पुलिस की त्वरित और सख्त कार्रवाई : मामले की गंभीरता को देखते हुए गांधीनगर पुलिस ने तत्काल मोर्चा संभाला। प्रार्थी की रिपोर्ट पर आरोपी महिला के खिलाफ BNS की धारा 270, 299 और छत्तीसगढ़ धर्म स्वातन्त्र्य अधिनियम की धारा 5 (क) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया।
- आरोपी : ओमेगा टोप्पो (66 वर्ष), निवासी नमनाकला।
- कार्यवाही : पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया।
“संवेदनशील मामलों में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वालों पर सरगुजा पुलिस की पैनी नजर है।”
इनकी रही मुख्य भूमिका : इस सफल कार्यवाही में गांधीनगर थाना प्रभारी निरीक्षक प्रवीण कुमार द्विवेदी, उप निरीक्षक दिलीप दुबे, एएसआई सुभाष ठाकुर, महिला प्रधान आरक्षक मंजू भगत सहित पूरी टीम का विशेष योगदान रहा।




