जशपुर बिग ब्रेकिंग : ‘दो नावों की सवारी’ पड़ी भारी, आदेश की अवहेलना पर 4 आंगनबाड़ी सहायिकाओं की सेवा समाप्त!…

• प्रशासन की बड़ी कार्रवाई से विभाग में हड़कंप; नोटिस के बाद भी नहीं दिया था जवाब…
जशपुर। एकीकृत बाल विकास परियोजना (ICDS) तपकरा-2 में प्रशासन ने अनुशासनहीनता और नियमों के विरुद्ध कार्य करने पर कड़ा प्रहार किया है। विभाग ने एक बड़ा फैसला लेते हुए चार आंगनबाड़ी सहायिकाओं को तत्काल प्रभाव से पदमुक्त (सेवा समाप्त) कर दिया है। यह कार्रवाई उन कर्मियों पर की गई है जो आंगनबाड़ी सहायिका के पद पर रहते हुए साथ में ‘मितानिन’ के रूप में भी कार्य कर रही थीं।
क्या है पूरा मामला? – संचालनालय महिला एवं बाल विकास विभाग, छत्तीसगढ़ द्वारा पूर्व में एक स्पष्ट आदेश (पत्र क्रमांक 10582/50ए/2024-25, दिनांक 02.12.2024) जारी किया गया था। इस आदेश के तहत यह निर्देशित किया गया था कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता या सहायिका अपने पद के साथ-साथ मितानिन का कार्य नहीं कर सकतीं। यदि कोई ऐसा कर रहा है, तो उसे एक पद छोड़ना होगा।
मौका दिया गया, पर नहीं मानीं सहायिकाएं : परियोजना अधिकारी, तपकरा-2 द्वारा जारी आदेश क्रमांक 740 के अनुसार, विभाग ने इन चारों सहायिकाओं को अपना पक्ष रखने और स्वेच्छा से किसी एक पद (सहायिका या मितानिन) से इस्तीफा देने का पूरा मौका दिया था। कार्यालय ने उन्हें पत्र भेजकर जानकारी मांगी थी।
हैरानी की बात यह रही कि संबंधित सहायिकाओं ने विभागीय नोटिस को गंभीरता से नहीं लिया और न ही कार्यालय को कोई जवाब (प्रति उत्तर) प्रस्तुत किया। इसे उच्च अधिकारियों के आदेश की सीधी अवहेलना माना गया।
समिति की बैठक में मुहर, फिर गिरी गाज : मामले की गंभीरता को देखते हुए जनपद पंचायत फरसाबहार की ‘स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास समिति’ की बैठक दिनांक 19.01.2025 (आदेश में टंकण त्रुटिवश 2026 अंकित) को आयोजित की गई। समिति ने सर्वसम्मति से इन नियमों का उल्लंघन करने वाली सहायिकाओं की सेवा समाप्त करने का अनुमोदन किया। जिसके परिपालन में परियोजना अधिकारी ने 20 जनवरी 2025 को निष्कासन आदेश जारी कर दिया।
इन 4 सहायिकाओं पर हुई कार्रवाई : जिन सहायिकाओं की सेवा समाप्त की गई है, वे तपकरा-2 परियोजना के अलग-अलग सेक्टर्स में पदस्थ थीं :

कार्रवाई का संदेश : इस सख्त कार्रवाई ने जिले भर के आंगनबाड़ी कर्मियों के बीच स्पष्ट संदेश दिया है कि शासकीय सेवा शर्तों का उल्लंघन और दोहरे लाभ के पद पर कार्य करना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। साथ ही, विभागीय पत्रों का जवाब न देना अनुशासनहीनता की श्रेणी में माना जाएगा।
नोट : यह खबर परियोजना अधिकारी, एकीकृत बाल विकास परियोजना तपकरा-2, जिला जशपुर द्वारा जारी आधिकारिक आदेश (क्रमांक 740/स्था./बाविप/2025-26) पर आधारित है।




