अंबिकापुर

सरगुजा : बीच रास्ते में पत्नी का बार-बार लेटना पति को नहीं हुआ बर्दाश्त, गुस्से में डंडे से पीट-पीटकर कर दी हत्या…

सरगुजा/कमलेश्वरपुर | जिले के कमलेश्वरपुर थाना क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ एक पति ने अपनी पत्नी को सिर्फ इसलिए मौत के घाट उतार दिया क्योंकि वह मेहमानों को छोड़कर वापस लौटते समय बार-बार सड़क पर लेट जा रही थी। मामूली बात पर आवेश में आए पति ने डंडे से पीटकर पत्नी की जान ले ली। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी पति को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

भतीजे की तेरहवीं, मेहमानों की विदाई और खूनी खेल – घटना ग्राम बिसरपानी के प्रधानपारा की है। मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी रामेश्वर सेनार (55 वर्ष) के भतीजे का निधन हो गया था। 17 जनवरी 2026 को घर में ‘मिट्टी-काठी’ का कार्यक्रम था, जिसमें शामिल होने के लिए ग्राम सुपलगा से मेहमान आए थे।

​कार्यक्रम खत्म होने के बाद रामेश्वर और उसकी पत्नी कुंती सेनार (50 वर्ष) मेहमानों को छोड़ने के लिए कुछ दूर तक गए थे। मेहमानों को विदा कर जब पति-पत्नी वापस घर लौट रहे थे, तभी रास्ते में कुंती अजीब हरकतें करने लगी। वह बार-बार सड़क पर ही जमीन पर लेट जा रही थी और घर चलने से मना कर रही थी।

सड़क पर जिद, घर में मातम : पति रामेश्वर ने उसे समझाने और उठाने की बहुत कोशिश की, लेकिन जब वह नहीं मानी तो रामेश्वर अपना आपा खो बैठा। आवेश में आकर उसने हाथ में रखे डंडे से कुंती पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। बेरहमी से हुई मारपीट के कारण कुंती वहीं बेहोश हो गई।

​घटना के बाद आरोपी घर लौटा और परिजनों को इसकी जानकारी दी। परिजन आनन-फानन में कुंती को इलाज के लिए ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया।

पुलिस की सख्त कार्रवाई : धारा 103(1) BNS के तहत मामला दर्ज – मामले की गंभीरता को देखते हुए कमलेश्वरपुर पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की। शव के पोस्टमार्टम में डॉक्टर ने इसे हत्यात्मक प्रकृति का बताया। पुलिस ने जब कड़ाई से आरोपी रामेश्वर सेनार से पूछताछ की, तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।

​पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त खून से सना डंडा जब्त कर लिया है। आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) के तहत हत्या का मामला दर्ज कर उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उसे जेल भेज दिया गया है।

इस टीम ने सुलझाई गुत्थी -​इस अंधी हत्या की गुत्थी सुलझाने और आरोपी को सलाखों के पीछे पहुँचाने में कमलेश्वरपुर थाने के सहायक उप निरीक्षक बैजनाथ राम, प्रधान आरक्षक रंजीत लकड़ा, आरक्षक सूरज राठिया, धनेश्वर पैंकरा, विजय भगत और लुकन कुजूर की भूमिका सराहनीय रही।

Ambika Sao

सह-संपादक : छत्तीसगढ़

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